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“गौतम गंभीर प्रैक्टिस में मुझे दबाव में डालते हैं”—तिलक वर्मा का बड़ा खुलासा, बोले: रोहित-कोहली की मौजूदगी से टीम का आत्मविश्वास दोगुना
रायपुर ODI से पहले तिलक वर्मा ने बताया कैसे गंभीर की सख्त ट्रेनिंग और सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी उन्हें बेहतर खिलाड़ी बना रही है
भारत के युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ तिलक वर्मा ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर की कोचिंग शैली और सख्त ट्रेनिंग के बारे में बड़ा बयान दिया है। रायपुर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे से पहले तिलक ने बताया कि गंभीर किस तरह उन्हें प्रैक्टिस में दबाव की स्थिति में डालकर तैयार करते हैं, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौती भरे पलों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
उन्होंने कहा—
“गौतम सर हमेशा मुझे आत्मविश्वास देते हैं। वे कहते हैं कि अगर आपमें स्किल है, तो आप सभी फॉर्मेट खेल सकते हैं और सभी में अच्छा कर सकते हैं। प्रैक्टिस में वे मुझे जान-बूझकर प्रेशर में डालते हैं ताकि मैं दबाव झेलना सीख सकूँ। वे लगातार मुझे चैलेंज करते रहते हैं क्योंकि उन्हें मुझ पर भरोसा है। यह उनके समर्थन का बड़ा संकेत है।”

सफेद गेंद क्रिकेट में तिलक का दमदार प्रदर्शन
तिलक वर्मा अभी तक टेस्ट डेब्यू नहीं कर पाए हैं, लेकिन व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावी रहा है।
- 23 मैच में 661 रन
- औसत 38.88
- 4 फिफ्टी और 1 शतक
रांची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की 17 रन की जीत में उनकी मैच-विनिंग पारी ने दिखा दिया कि वह धीरे-धीरे भारत की मिडिल-ऑर्डर की अहम कड़ी बनते जा रहे हैं।
“रोहित भैया और विराट भैया टीम में हों, तो आत्मविश्वास अलग ही स्तर पर होता है”
तिलक ने बताया कि टीम ड्रेसिंग रूम में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ियों की मौजूदगी किस तरह युवा क्रिकेटरों के मनोबल को ऊँचा करती है।

उन्होंने कहा—
“जब रोहित भैया और विराट भैया टीम में होते हैं, तो आत्मविश्वास का स्तर बिल्कुल अलग हो जाता है। उनके पास इतना अनुभव और ज्ञान है कि उनसे हर रोज़ कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। मैं विराट भैया से फिटनेस और रनिंग बिटवीन द विकेट्स के बारे में बहुत बात करता हूँ। उनकी तीव्रता अविश्वसनीय है।”
तिलक ने यह भी कहा कि वह खुद रनिंग को बहुत पसंद करते हैं और विराट के साथ विकेटों के बीच दौड़ने का अनुभव उनके लिए बेहद प्रेरणादायक होता है।
कोहली-रोहित की पारी ने बढ़ाया टीम का मनोबल
पहले वनडे में:
- रोहित शर्मा: 51 गेंदों पर 57 रन
- विराट कोहली: शानदार 52वां ODI शतक, 120 गेंदों पर 135 रन
इन दोनों की क्लासिक पारियों ने भारत को 349 रन के बड़े स्कोर तक पहुँचाया और टीम को सीरीज़ में 1–0 की बढ़त दिलाई।
युवा तिलक का कहना है कि सीनियर खिलाड़ियों का ऐसा प्रदर्शन उन्हें प्रेरित करता है कि वे अपने खेल को एक नए स्तर पर ले जाएँ, खासकर तब जब वह ODI और टेस्ट दोनों फॉर्मेट में अपनी जगह मजबूत करना चाहते हैं।
