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Janhvi Kapoor ने खोला साउथ इंडस्ट्री का राज, बोलीं ‘यहां हर किसी के समय की होती है कद्र, बॉलीवुड में कई बार करना पड़ता है समझौता’
राम चरण के साथ फिल्म Peddi में नजर आने वाली जाह्नवी कपूर ने तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के वर्क कल्चर की तारीफ करते हुए बताया कि वहां कलाकारों से लेकर तकनीशियनों तक सभी के समय का सम्मान किया जाता है।
जाह्नवी कपूर इन दिनों अपनी आगामी तेलुगु फिल्म Peddi को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म में वह साउथ सुपरस्टार राम चरण के साथ स्क्रीन शेयर करती नजर आएंगी। फिल्म की चर्चा के बीच अभिनेत्री ने हाल ही में तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री और बॉलीवुड के कामकाजी माहौल को लेकर दिलचस्प टिप्पणी की है।
जाह्नवी कपूर का मानना है कि तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव काफी संतुलित और व्यवस्थित होता है। उन्होंने कहा कि वहां सिर्फ कलाकारों ही नहीं बल्कि तकनीशियनों और पूरी टीम के समय का भी सम्मान किया जाता है, जो उन्हें बेहद पसंद आया।
‘हर किसी के वर्किंग आवर्स का रखा जाता है ध्यान’
एक मीडिया बातचीत में जाह्नवी ने बताया कि तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वहां काम के घंटों को लेकर स्पष्ट नियम और अनुशासन देखने को मिलता है।
अभिनेत्री के अनुसार, सेट पर मौजूद हर व्यक्ति के समय को महत्व दिया जाता है। चाहे वह अभिनेता हो, कैमरामैन हो या कोई तकनीकी कर्मचारी, सभी के लिए कार्य समय तय होता है और उसे यथासंभव फॉलो किया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह माहौल लोगों को बेहतर तरीके से काम करने और निजी जीवन के लिए भी समय निकालने का अवसर देता है।
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लंच ब्रेक भी होता है पूरी तरह प्लान्ड
जाह्नवी कपूर ने बताया कि तेलुगु फिल्मों के सेट पर ब्रेक टाइम को लेकर भी काफी व्यवस्थित व्यवस्था होती है। उन्होंने कहा कि दोपहर के भोजन के लिए पर्याप्त समय दिया जाता है ताकि लोग आराम से खाना खा सकें।
इतना ही नहीं, कई बार टीम के सदस्यों को थोड़ी देर आराम करने का समय भी मिल जाता है, जिससे वे दोबारा ऊर्जा के साथ काम शुरू कर सकें।
उनके मुताबिक, इस तरह की व्यवस्था पूरे शूटिंग माहौल को अधिक सकारात्मक और उत्पादक बनाती है।
‘बॉलीवुड में कई बार समझौता करना पड़ता है’
जाह्नवी ने बिना किसी विवाद को बढ़ावा दिए यह भी कहा कि मुंबई में काम करते समय कई बार ऐसी सुविधाओं और तय समय को लेकर समझौते देखने को मिलते हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि कुछ प्रोजेक्ट्स में शूटिंग के घंटे लंबे हो जाते हैं, जिससे कलाकारों और क्रू पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। हालांकि उन्होंने किसी खास फिल्म या व्यक्ति का नाम नहीं लिया।
अभिनेत्री की यह टिप्पणी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां कई लोग फिल्म इंडस्ट्री में बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस की जरूरत पर बात कर रहे हैं।

लंबी शिफ्ट्स बहुत कम करनी पड़ीं
जाह्नवी कपूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि तेलुगु फिल्मों में काम करते समय उन्हें शायद ही कभी 12 घंटे से ज्यादा की शूटिंग करनी पड़ी हो।
उन्होंने कहा कि अधिकांश दिनों में उनका काम 9 से 10 घंटे के भीतर पूरा हो जाता था। यही वजह है कि वहां काम करते हुए उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से अधिक संतुलन महसूस हुआ।
उनका मानना है कि जब कलाकार और टीम के सदस्य पर्याप्त आराम के साथ काम करते हैं, तो उसका सकारात्मक असर फिल्म की गुणवत्ता पर भी दिखाई देता है।
‘Peddi’ को लेकर बढ़ी उत्सुकता
वर्क कल्चर को लेकर दिए गए इस बयान के साथ-साथ जाह्नवी कपूर की फिल्म Peddi भी लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म में उनकी जोड़ी राम चरण के साथ पहली बार देखने को मिलेगी।
फैंस इस नई ऑन-स्क्रीन जोड़ी को देखने के लिए उत्साहित हैं। फिल्म को लेकर अभी से सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है और माना जा रहा है कि यह आने वाले समय की बड़ी फिल्मों में से एक हो सकती है।
बदल रहा है भारतीय सिनेमा का कार्य संस्कृति मॉडल
जाह्नवी कपूर के बयान ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटों और कर्मचारियों की सुविधाओं को लेकर बहस छेड़ दी है। आज के दौर में जहां मानसिक स्वास्थ्य और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, वहीं फिल्म उद्योग में भी बेहतर कार्य संस्कृति की मांग लगातार मजबूत होती जा रही है।
अभिनेत्री की बातों से यह साफ है कि वह एक ऐसे माहौल को महत्व देती हैं जहां काम के साथ-साथ लोगों की भलाई और आराम का भी ध्यान रखा जाए।
