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जब ‘जब वी मेट’ से बाहर हुए Bobby Deol, सालों बाद छलका दर्द; बोले- दिल टूट गया था, लेकिन हार नहीं मानी
इम्तियाज अली और करीना कपूर के साथ फिल्म शुरू करवाने की कोशिश करने वाले बॉबी देओल को आखिरकार शाहिद कपूर ने रिप्लेस कर दिया था। अब अभिनेता ने उस दौर से सीखा बड़ा जीवन सबक साझा किया है।
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘बंदर’ को लेकर चर्चा में हैं। लेकिन हाल ही में उन्होंने अपने करियर के उस अध्याय को याद किया, जिसने उन्हें अंदर से झकझोर दिया था। यह किस्सा है सुपरहिट फिल्म ‘जब वी मेट’ का, जिसमें कभी बॉबी देओल मुख्य भूमिका निभाना चाहते थे।
एक टीवी इंटरव्यू के दौरान बॉबी देओल ने खुलासा किया कि उन्होंने निर्देशक इम्तियाज अली की प्रतिभा को बहुत पहले पहचान लिया था। फिल्म ‘सोचा ना था’ देखने के बाद वह इम्तियाज के साथ काम करने के लिए उत्साहित थे और उन्होंने खुद इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कोशिश की थी।
बॉबी के अनुसार, उन्होंने न केवल फिल्म में अपनी रुचि दिखाई, बल्कि अभिनेत्री करीना कपूर को भी इस प्रोजेक्ट से जोड़ने में भूमिका निभाई। कई प्रोडक्शन हाउस के सामने फिल्म का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन उस समय उनके करियर की स्थिति ऐसी नहीं थी कि निर्माता तुरंत निवेश करने को तैयार हो जाते।
सपनों का प्रोजेक्ट हाथ से निकल गया
समय बीतता गया और फिल्म की शुरुआत नहीं हो सकी। बाद में वही प्रोजेक्ट दूसरे रूप में शुरू हुआ और मुख्य भूमिका में शाहिद कपूर को लिया गया। यह वही फिल्म बनी जिसे आज हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय रोमांटिक फिल्मों में गिना जाता है।
बॉबी ने स्वीकार किया कि उस समय यह घटना उनके लिए बेहद भावनात्मक थी। उनका कहना था कि करियर के उस दौर में उन्हें ऐसी फिल्म की सख्त जरूरत थी और जब फिल्म उनके हाथ से निकल गई तो उन्हें गहरा झटका लगा।
हालांकि अभिनेता ने यह भी स्पष्ट किया कि अब उनके और इम्तियाज अली के बीच किसी तरह की कड़वाहट नहीं है। समय के साथ उन्होंने उस घटना को स्वीकार किया और आगे बढ़ने का फैसला किया।
इम्तियाज अली ने भी रखा अपना पक्ष
दूसरी ओर, इम्तियाज अली ने एक पुराने इंटरव्यू में कहा था कि वह लंबे समय तक बॉबी का इंतजार करते रहे। उनके मुताबिक, बॉबी उस समय अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स में व्यस्त थे, जिसके चलते फिल्म लगातार टलती रही। कई सालों की देरी के बाद उन्होंने अलग रास्ता चुनने का फैसला किया।
इम्तियाज ने बताया था कि लंबे इंतजार के कारण उन पर आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा था और अंततः फिल्म को नए कलाकारों के साथ आगे बढ़ाया गया।
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असफलता से मिला बड़ा सबक
बॉबी देओल का मानना है कि जीवन में हर असफलता कुछ सिखाकर जाती है। उन्होंने कहा कि अगर वह उस समय टूट जाते, तो शायद आज वह दोबारा सफलता का स्वाद नहीं चख पाते।

बीते कुछ वर्षों में बॉबी ने शानदार वापसी की है। वेब सीरीज ‘आश्रम’ में उनके किरदार को जबरदस्त लोकप्रियता मिली, जबकि फिल्म ‘एनिमल’ में निभाए गए खलनायक के रोल ने उन्हें नई पहचान दिलाई।
संघर्ष के बाद मिली नई उड़ान
बॉबी की कहानी उन कलाकारों के लिए भी प्रेरणा है जो असफलताओं से घबराकर हार मान लेते हैं। एक समय जिस अभिनेता को फिल्में मिलना मुश्किल हो गया था, वही आज फिर बड़े पर्दे और ओटीटी दोनों पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
उनका अनुभव बताता है कि हर खोया हुआ मौका अंत नहीं होता। कभी-कभी वही घटना भविष्य की बड़ी सफलता की नींव बन जाती है।
