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‘Disagree, Don’t Disgrace’ विवाद के बीच AR Rahman की बेटियों ने तोड़ी चुप्पी, समर्थन में सामने आया संगीत जगत
‘Communal’ टिप्पणी और Chhaava पर बयान के बाद AR Rahman को मिली तीखी आलोचना, अब बेटियों Khatija और Raheema ने दिया साफ संकेत
भारतीय संगीत के सबसे बड़े नामों में शामिल A. R. Rahman हाल ही में उस वक्त विवादों में घिर गए, जब उन्होंने बॉलीवुड में कथित “communal feeling” और फिल्म Chhaava पर की गई टिप्पणियों को लेकर अपनी राय रखी। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जिनमें आलोचना से आगे बढ़कर व्यक्तिगत हमले और अपमानजनक टिप्पणियां भी शामिल थीं।
इस पूरे विवाद के बीच अब Rahman की बेटियों Khatija Rahman और Raheema Rahman ने चुप्पी तोड़ते हुए अप्रत्यक्ष लेकिन स्पष्ट समर्थन जताया है।
Kailas Menon का सधा हुआ संदेश: ‘असहमति रखें, अपमान नहीं’
मलयालम संगीतकार Kailas Menon ने इस विवाद पर एक लंबा और संतुलित नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने Rahman के खिलाफ की जा रही भाषा पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा,
“Disagree, don’t disgrace. Rahman ने जो कहा, वह उनका अनुभव था। उससे असहमत होना आपका अधिकार है, लेकिन उन्हें अपमानित करना नहीं।”
Kailas ने यह भी कहा कि Rahman कोई “random voice” नहीं हैं, बल्कि वह कलाकार हैं जिन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक मंच तक पहुँचाया और दशकों तक तमिल संस्कृति और भारतीय सिनेमा को आकार दिया।

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उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि किसी कलाकार को “disgrace” कहना, उसकी आस्था पर सवाल उठाना या उसकी पूरी कला को एक बयान तक सीमित करना—यह आलोचना नहीं बल्कि hate speech है।
बेटियों का समर्थन: शब्द कम, संदेश साफ
Rahman की बेटी और सिंगर-कंपोज़र Khatija Rahman ने Kailas Menon की पोस्ट पर emojis के जरिए सहमति जताई और उसे अपने Instagram story पर भी शेयर किया। इसके साथ ही उन्होंने एक भावनात्मक नोट भी साझा किया, जिसमें उन्होंने उन लोगों का आभार जताया जो बिना किसी स्वार्थ के उनका हाल पूछ रहे थे।
दूसरी ओर, Rahman की बेटी Raheema Rahman, जो खुद भी सिंगर हैं, उन्होंने भी Kailas Menon की पोस्ट को अपनी story पर शेयर किया। यह दोनों बेटियों की ओर से एक शांत लेकिन मजबूत संकेत माना जा रहा है कि वे अपने पिता के पक्ष में खड़ी हैं।
हालांकि Rahman के बेटे Ameen की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आलोचना बनाम अपमान: बहस का असली मुद्दा
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या freedom of speech केवल आलोचकों के लिए है, या कलाकारों के लिए भी?
Kailas Menon के शब्दों में,
“आप किसी राय से बहस कर सकते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की गरिमा पर हमला करना लोकतांत्रिक संवाद नहीं है।”

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Rahman खुद भी पहले यह कह चुके हैं कि India उनके लिए सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि प्रेरणा, गुरु और घर है। ऐसे में उनकी नीयत पर सवाल उठाना कई लोगों को अनुचित लगा।
निष्कर्ष
AR Rahman से जुड़ा यह विवाद अब केवल एक बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह समाज के उस हिस्से को भी आईना दिखा रहा है, जहां असहमति को अपमान में बदल दिया जाता है। उनकी बेटियों की चुपचाप लेकिन स्पष्ट प्रतिक्रिया और संगीत जगत के समर्थन ने यह संकेत दिया है कि यह बहस अभी खत्म नहीं हुई है—लेकिन सम्मान की रेखा खींचना अब ज़रूरी हो गया है।
