Connect with us

Sports

BCCI की Injury Management पर उठे सवाल, नई रिपोर्ट में खिलाड़ियों की रिकवरी व्यवस्था पर चिंता

इंग्लैंड दौरे पर व्हाइट-बॉल सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आई नई रिपोर्ट में खिलाड़ियों के रिहैब, संवाद और वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर कई अहम सवाल उठाए गए हैं।

Published

on

Dainik Diary Asad 4 2
नई रिपोर्ट के बाद BCCI की इंजरी मैनेजमेंट और खिलाड़ियों की रिहैब प्रक्रिया चर्चा में है।

भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस और चोट से वापसी की प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में BCCI की इंजरी मैनेजमेंट प्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रिहैबिलिटेशन के दौरान खिलाड़ियों और संबंधित टीमों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत महसूस की जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, चोटिल खिलाड़ियों की रिकवरी के दौरान संवाद की कमी और वर्कलोड मैनेजमेंट जैसी चुनौतियां सामने आई हैं। ऐसे में यह बहस तेज हो गई है कि लंबे और व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर के बीच खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर अधिक प्रभावी योजना बनाने की आवश्यकता है।

और भी पढ़ें : Virat Kohli और Anushka Sharma का दिल जीतने वाला अंदाज़: Hotel Staff के लिए छोड़े handwritten notes

यह चर्चा ऐसे समय में सामने आई है जब भारत को इंग्लैंड दौरे पर व्हाइट-बॉल सीरीज में उम्मीद के अनुरूप परिणाम नहीं मिले। हालांकि किसी एक कारण को हार की वजह नहीं माना जा सकता, लेकिन खिलाड़ियों की उपलब्धता, फिटनेस और कार्यभार प्रबंधन भी उन पहलुओं में शामिल हैं जिन पर विशेषज्ञ लगातार ध्यान देने की बात कर रहे हैं।

Dainik Diary Asad 5 2


आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ी सालभर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मैच खेलते हैं। ऐसे में मेडिकल स्टाफ, फिजियो, ट्रेनर और टीम प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय को सफलता का अहम आधार माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पष्ट संवाद और वैज्ञानिक वर्कलोड मैनेजमेंट खिलाड़ियों को बार-बार चोटिल होने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

फिलहाल BCCI की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि आने वाले समय में बोर्ड खिलाड़ियों की फिटनेस और रिहैब प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए नए कदम उठाता है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

भारतीय टीम के लिए आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और बड़े आईसीसी टूर्नामेंटों को देखते हुए खिलाड़ियों का पूरी तरह फिट रहना सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक होगा। ऐसे में फिटनेस प्रबंधन और प्रभावी रिहैब सिस्टम भविष्य की तैयारियों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।