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हरियाणा में टैक्स-फ्री होते ही बदली किस्मत? भारत भाग्य विधाता की कमाई में दिखा दमदार उछाल
26/11 मुंबई आतंकी हमलों के अनसुने नायकों की कहानी कहने वाली कंगना रनौत की फिल्म भारत भाग्य विधाता को हरियाणा सरकार से टैक्स-फ्री का दर्जा मिलने के बाद बॉक्स ऑफिस पर नई रफ्तार मिलती दिख रही है।
मुंबई: फिल्मों की दुनिया में अक्सर बड़े सितारों और भारी-भरकम बजट वाली फिल्मों का दबदबा देखने को मिलता है, लेकिन कभी-कभी ऐसी कहानियां भी दर्शकों के दिलों तक पहुंच जाती हैं जो इतिहास के उन पन्नों को सामने लाती हैं, जिन पर कम चर्चा हुई हो। ऐसी ही एक फिल्म है भारत भाग्य विधाता, जिसने रिलीज के बाद धीरे-धीरे दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचना शुरू कर दिया है।
निर्देशक मनोज तापड़िया के निर्देशन में बनी यह फिल्म 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान बहादुरी दिखाने वाले उन गुमनाम नायकों को श्रद्धांजलि देती है, जिनकी कहानियां अक्सर सुर्खियों से दूर रह गईं। फिल्म में देशभक्ति, साहस और बलिदान की भावनाओं को बेहद संवेदनशील तरीके से पर्दे पर उतारा गया है।
फिल्म को हाल ही में हरियाणा सरकार द्वारा टैक्स-फ्री घोषित किया गया, जिसके बाद इसके बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स-फ्री दर्जा मिलने से फिल्म की टिकट कीमतें दर्शकों के लिए अधिक किफायती हो जाती हैं, जिससे सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है।
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रिलीज के दूसरे दिन फिल्म की कमाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि यह किसी बड़े व्यावसायिक ब्लॉकबस्टर की तरह विशाल आंकड़े नहीं छू रही, लेकिन इसके प्रदर्शन को स्थिर और उत्साहजनक माना जा रहा है। खासकर उन दर्शकों के बीच फिल्म को सराहना मिल रही है जो सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानियों को पसंद करते हैं।
फिल्म की प्रस्तुति का सबसे मजबूत पक्ष इसकी भावनात्मक गहराई और वास्तविक घटनाओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण बताया जा रहा है। दर्शकों का कहना है कि भारत भाग्य विधाता सिर्फ मनोरंजन नहीं करती, बल्कि देश के उन अनसुने नायकों को याद करने का अवसर भी देती है, जिन्होंने संकट की घड़ी में अदम्य साहस का परिचय दिया।
कंगना रनौत लंबे समय से ऐसी फिल्मों का समर्थन करती रही हैं जो राष्ट्रहित और ऐतिहासिक घटनाओं को बड़े पर्दे पर लाने का प्रयास करती हैं। फिल्म से जुड़ी उनकी भागीदारी ने भी इसे चर्चा में बनाए रखा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ जारी रहता है, तो फिल्म की कमाई में और इजाफा देखने को मिल सकता है। अक्सर कंटेंट-आधारित फिल्में शुरुआती दिनों में धीमी शुरुआत करती हैं, लेकिन दर्शकों की प्रतिक्रिया के दम पर लंबी दौड़ में बेहतर प्रदर्शन कर जाती हैं।
आज के दौर में जब दर्शक सिर्फ बड़े नामों के बजाय मजबूत कहानी और भावनात्मक जुड़ाव तलाश रहे हैं, ऐसे में भारत भाग्य विधाता जैसी फिल्में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल हो सकती हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि हरियाणा के बाद क्या अन्य राज्य भी इस फिल्म को टैक्स-फ्री दर्जा देते हैं और क्या यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपनी रफ्तार को बरकरार रख पाती है।
