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Brett Lee ने Vaibhav Sooryavanshi की उम्र पर उठे सवालों को किया खारिज, बोले- ‘मुझे फर्क नहीं पड़ता वह कितने साल का है’
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज ने युवा बल्लेबाज के खेल की तारीफ की, बोले- असली बात उसकी काबिलियत और आत्मविश्वास है
भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे Vaibhav Sooryavanshi को लेकर चर्चा लगातार बढ़ती जा रही है। कम उम्र में बड़े मंच पर अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले Vaibhav अब Duleep Trophy 2026-27 में East Zone के उपकप्तान की भूमिका निभाने जा रहे हैं। इसी बीच उनकी उम्र को लेकर चल रही बहस पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज Brett Lee ने अपनी राय रखी है।
Brett Lee ने उम्र की चर्चा को ज्यादा तवज्जो देने के बजाय Vaibhav के क्रिकेटिंग टैलेंट पर ध्यान देने की बात कही। उनका कहना है कि खिलाड़ी की उम्र से ज्यादा जरूरी यह है कि वह मैदान पर क्या कर सकता है और दबाव के बीच किस तरह प्रदर्शन करता है।
‘उम्र से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता’
Vaibhav Sooryavanshi की उम्र को लेकर सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। इसी मुद्दे पर Brett Lee ने कहा कि उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि Vaibhav 15 साल के हैं या इससे कुछ ज्यादा।
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Lee का ध्यान युवा बल्लेबाज की उस क्षमता पर है, जिसने इतनी कम उम्र में उन्हें बड़े क्रिकेट मंच तक पहुंचाया है। उन्होंने Vaibhav की बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और निडर अंदाज को खास तौर पर सराहा।
IPL से लेकर Team India तक तेजी से बढ़ा कद
Vaibhav ने पिछले कुछ समय में क्रिकेट की दुनिया में तेजी से अपनी जगह बनाई है। IPL में उनके आक्रामक बल्लेबाजी प्रदर्शन ने उन्हें सुर्खियों में पहुंचाया और इसके बाद उन्हें भारतीय टीम के साथ भी मौका मिला।
हाल ही में Zimbabwe दौरे पर Vaibhav ने T20I सीरीज में प्रभाव छोड़ा और उन्हें Player of the Series चुना गया। इसके बाद Duleep Trophy के लिए East Zone की टीम में उन्हें Ishan Kishan के डिप्टी की जिम्मेदारी दी गई है।
Duleep Trophy में बड़ी जिम्मेदारी
East Zone की कप्तानी Ishan Kishan को सौंपी गई है, जबकि Vaibhav Sooryavanshi उपकप्तान होंगे। टीम में Mohammed Shami, Abhimanyu Easwaran और Mukesh Kumar जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल हैं।
ऐसे में Vaibhav के लिए यह टूर्नामेंट सिर्फ बल्लेबाजी का मौका नहीं होगा, बल्कि अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने और नेतृत्व की बारीकियां सीखने का भी अवसर होगा।

हालांकि Vaibhav को उपकप्तान बनाए जाने को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय भी सामने आई है। कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने इतनी कम उम्र में अतिरिक्त जिम्मेदारी दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। वहीं East Zone के चयनकर्ताओं की तरफ से इसे Vaibhav को ज्यादा जिम्मेदारी देकर और mature बनाने की कोशिश बताया गया है।
Brett Lee की सलाह भी अहम
Brett Lee की बात का एक अहम हिस्सा सिर्फ Vaibhav की तारीफ नहीं, बल्कि उनके ऊपर बढ़ते दबाव को लेकर भी है। कम उम्र में इतनी बड़ी पहचान मिलने के बाद लगातार चर्चा और उम्मीदों का दबाव किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए चुनौती बन सकता है।
ऐसे में Vaibhav के लिए सबसे जरूरी होगा कि वह बाहरी चर्चाओं से ज्यादा अपने खेल और तैयारी पर ध्यान दें। Duleep Trophy उनके लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि यह उन्हें red-ball cricket में खुद को साबित करने का मौका देगी।
फिलहाल Vaibhav Sooryavanshi का सफर बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है। Brett Lee जैसे दिग्गज का समर्थन इस बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुभवी लोग भी उनकी प्रतिभा को करीब से देख रहे हैं। अब नजर इस बात पर होगी कि Vaibhav Duleep Trophy में अपनी नई जिम्मेदारी और red-ball cricket की चुनौती को किस तरह संभालते हैं।
