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Didier Deschamps ने Mbappe के आलोचकों को दिया करारा जवाब, कप्तानी पर उठ रहे सवालों पर तोड़ी चुप्पी

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस की अहम जीत के बाद कोच डिडिएर डेशॉम्प्स ने किलियन एम्बाप्पे का खुलकर बचाव किया और सोशल मीडिया पर चल रही बहस को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

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फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस की जीत के बाद कोच डिडिएर डेशॉम्प्स ने कप्तान किलियन एम्बाप्पे का खुलकर समर्थन किया।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस की शानदार यात्रा जारी है। पैराग्वे के खिलाफ महत्वपूर्ण जीत के बाद जहां टीम ने अगले चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया, वहीं मैच के बाद चर्चा मैदान के खेल से ज्यादा किलियन एम्बाप्पे की कप्तानी और नेतृत्व शैली पर होने लगी।

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एम्बाप्पे को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही थीं। कुछ प्रशंसकों और विशेषज्ञों का मानना था कि फ्रांसीसी कप्तान टीम के भीतर जरूरत से ज्यादा प्रभाव रखते हैं, जबकि कई लोगों ने उनके नेतृत्व को टीम की सफलता का अहम कारण बताया।

इन बहसों के बीच फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशॉम्प्स ने अपने कप्तान का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि एम्बाप्पे को लेकर बनाई जा रही कुछ धारणाएं वास्तविकता से काफी अलग हैं। डेशॉम्प्स का मानना है कि एक कप्तान का प्रभावशाली होना और टीम के फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाना स्वाभाविक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह पूरी टीम पर हावी हैं।

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कोच ने यह भी संकेत दिया कि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाएं अक्सर वास्तविक परिस्थितियों को सही तरीके से नहीं दिखातीं। उनके अनुसार फ्रांस की टीम में सामूहिक निर्णय और आपसी सम्मान की संस्कृति है, जहां हर खिलाड़ी की राय महत्वपूर्ण मानी जाती है।

किलियन एम्बाप्पे ने भी मैदान पर अपने प्रदर्शन से एक बार फिर साबित किया कि वह सिर्फ टीम के कप्तान ही नहीं, बल्कि सबसे बड़े मैच विजेताओं में से एक हैं। पैराग्वे के खिलाफ उनके निर्णायक योगदान ने फ्रांस को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

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फुटबॉल विशेषज्ञों का कहना है कि जब कोई खिलाड़ी लगातार सुर्खियों में रहता है और टीम की सफलता का चेहरा बन जाता है, तो उसके नेतृत्व को लेकर बहस होना सामान्य बात है। अतीत में भी कई बड़े कप्तानों को इसी तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है, लेकिन अंततः उनके प्रदर्शन ने ही जवाब दिया।

फ्रांस की टीम इस समय टूर्नामेंट की सबसे संतुलित और खतरनाक टीमों में गिनी जा रही है। ऐसे में डेशॉम्प्स नहीं चाहते कि बाहरी विवाद खिलाड़ियों का ध्यान उनके मुख्य लक्ष्य से भटकाएं।

अब फ्रांसीसी प्रशंसकों की उम्मीद होगी कि एम्बाप्पे अपनी कप्तानी और प्रदर्शन दोनों से टीम को वर्ल्ड कप के और करीब ले जाएं। वहीं डेशॉम्प्स के बयान ने साफ कर दिया है कि टीम प्रबंधन अपने कप्तान के साथ मजबूती से खड़ा है।