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‘मिर्जापुर’ वाले मुन्ना भैया से बिल्कुल अलग है Divyendu का नया अवतार, ‘Glory’ में दिखेगा असली रंग
करण अंशुमन बोले—“इस बार किरदार बनाया नहीं, जिया गया है”
ओटीटी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके दिव्येंदु एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह है उनका नया शो ‘Glory’। जहां एक तरफ दर्शक उन्हें मिर्जापुर के मुन्ना भैया के रूप में याद करते हैं, वहीं इस नए शो में उनका किरदार पूरी तरह अलग और ज्यादा वास्तविक बताया जा रहा है।
‘Glory’ के निर्माता करण अंशुमन ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि दिव्येंदु का यह किरदार “कंस्ट्रक्टेड” नहीं है, बल्कि उनकी अपनी पर्सनैलिटी से काफी हद तक मेल खाता है।
करण ने कहा, “मिर्जापुर में मुन्ना भैया एक ऐसा किरदार था जिसे खास तरीके से गढ़ा गया था। लेकिन ‘Glory’ में दिव्येंदु का किरदार देव ज्यादा नैचुरल है, उसमें उनकी अपनी झलक दिखती है।”
यह शो Netflix India पर रिलीज़ हुआ है और इसकी कहानी बॉक्सिंग की दुनिया के इर्द-गिर्द घूमती है—जहां चमक-दमक कम और संघर्ष ज्यादा है।
करण अंशुमन के लिए यह स्पोर्ट्स जॉनर में वापसी है। इससे पहले वह इनसाइड एज के जरिए क्रिकेट और ग्लैमर की दुनिया दिखा चुके हैं। लेकिन इस बार उन्होंने बॉक्सिंग जैसे रॉ और ग्राउंडेड स्पोर्ट को चुना है, जहां हर मुक्का सिर्फ खेल नहीं बल्कि जिंदगी की लड़ाई भी है।

शो में पुलकित सम्राट और सायानी गुप्ता भी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। खास बात यह है कि ये तीनों कलाकार पहले भी करण के साथ काम कर चुके हैं, लेकिन इस बार उन्होंने पुराने अनुभवों का कोई बोझ साथ नहीं रखा।
दिव्येंदु का किरदार ‘देव’ एक ऐसा पूर्व बॉक्सर है, जो गुस्से और जज्बे के बीच झूलता रहता है। यह किरदार दर्शकों को दिखाता है कि रिंग के बाहर की लड़ाई कई बार ज्यादा कठिन होती है।
ओटीटी के इस दौर में जहां अक्सर किरदारों की तुलना उनके पुराने रोल्स से की जाती है, ‘Glory’ एक ताज़ा हवा की तरह सामने आया है। यह सिर्फ एक स्पोर्ट्स ड्रामा नहीं, बल्कि इंसानी भावनाओं और संघर्षों की कहानी है।
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