Connect with us

Entertainment

“मैंने कभी relevance नहीं, ईमानदारी को चुना” Jackie Shroff ने बताया कैसे आज भी हर पीढ़ी से जुड़े हुए हैं

गुजरात से अपने रिश्ते, फिटनेस, प्रकृति और नई पीढ़ी के बारे में खुलकर बोले जैकी श्रॉफ, कहा — “नेचर ही इंसान को जमीन से जोड़े रखती है”

Published

on

Jackie Shroff Interview: “मैंने कभी रिलेवेंस नहीं, ईमानदारी को चुना” | Dainik Diary
जैकी श्रॉफ ने कहा — “मैंने हमेशा ईमानदारी को चुना, यही मुझे हर पीढ़ी से जोड़ती है।”

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ आज भी अपनी सादगी, ईमानदारी और बेबाक अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं। दशकों लंबे करियर के बाद भी जैकी का स्वभाव बिल्कुल वैसा ही है जमीन से जुड़ा हुआ और दिल से सच्चा। हाल ही में अहमदाबाद में एक बातचीत के दौरान उन्होंने फिल्मों, फिटनेस, नई पीढ़ी और जिंदगी को लेकर अपने विचार साझा किए।

जैकी श्रॉफ ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में कभी “रिलेवेंस” यानी लगातार चर्चा में बने रहने के पीछे भागने की कोशिश नहीं की। उनके लिए हमेशा सबसे जरूरी चीज ईमानदारी रही। अभिनेता ने कहा,
“सिनेमा बदलता है, दर्शक बदलते हैं, टेक्नोलॉजी बदलती है, लेकिन इंसानी भावनाएं हमेशा वही रहती हैं। मैंने हमेशा नई पीढ़ी से सीखने की कोशिश की है और शायद यही वजह है कि मैं हर जनरेशन से जुड़ पाया।”

उन्होंने यह भी माना कि आज के समय में कलाकारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती खुद को दोहराने से बचना है। जैकी के मुताबिक, हर नए किरदार में कुछ नया खोजने की कोशिश ही उन्हें एक्टिंग के लिए उत्साहित रखती है।

गुजरात से खास रिश्ता

बातचीत के दौरान जैकी श्रॉफ ने गुजरात से अपने गहरे रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता राजकोट से थे और गुजरात आने पर उन्हें अपने परिवार की यादें ताजा हो जाती हैं। मजाकिया अंदाज़ में उन्होंने कहा कि इस बार उन्हें अपनी पसंदीदा जलेबी-फाफड़ा खाने का मौका नहीं मिला, जो वह हर गुजरात ट्रिप पर जरूर खाते हैं।

फिटनेस पर दिया खास मंत्र

71 साल की उम्र में भी जैकी श्रॉफ की एनर्जी कई युवा कलाकारों को टक्कर देती है। फिटनेस पर उन्होंने बेहद आसान लेकिन असरदार सलाह दी।
उन्होंने कहा, “चलते रहो। रुक जाना ही सबसे बड़ा खतरा है। उम्र सिर्फ एक नंबर है और अच्छी सेहत ही असली दौलत है।”

और भी पढ़ें : Sunny Deol की फिल्म ‘Lahore 1947’ का बदला नाम: अब ‘Batwara 1947’ के नाम से होगी रिलीज

प्रकृति से जुड़ाव ने रखा संतुलित

जैकी श्रॉफ अक्सर पौधों और पर्यावरण संरक्षण की बातें करते नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति उन्हें मानसिक शांति देती है और उन्हें जमीन से जोड़े रखती है।
अभिनेता ने कहा,
“फेम, काम और शोर सब आता-जाता रहता है, लेकिन नेचर इंसान को बैलेंस में रखती है। पेड़-पौधे कभी जज नहीं करते, वो सिर्फ देते हैं।”

Jackie Shroff Interview: “मैंने कभी रिलेवेंस नहीं, ईमानदारी को चुना” | Dainik Diary


उन्होंने यह भी माना कि पिछली पीढ़ियों ने पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाया, लेकिन उन्हें नई पीढ़ी से उम्मीद है। जैकी ने युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि आज के बच्चे पर्यावरण को बचाने के लिए ज्यादा जागरूक हैं।

बच्चों के साथ काम करने का अनुभव

अपनी नई फिल्म ‘The Great Grand Superhero: Aliens Ka Aagman’ में बच्चों के साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए जैकी ने कहा कि आज के बच्चे बहुत समझदार और प्रोफेशनल हैं।
उन्होंने हंसते हुए कहा,
“ये बच्चे तो मेरे बाप निकले, बहुत एडवांस हैं!”

जैकी श्रॉफ का मानना है कि आज की दुनिया में जहां हर तरफ तनाव, युद्ध और नकारात्मक खबरें हैं, वहां लोगों को ऐसी कहानियों की जरूरत है जो उम्मीद और खुशी दें।