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G7 शिखर सम्मेलन के बीच Modi-Trump की अहम मुलाकात… ईरान में भारतीयों पर फायरिंग और व्यापार समझौते पर क्या होगी चर्चा?
फ्रांस में होने वाली द्विपक्षीय बैठक पर दुनिया की नजरें, ईरान संकट, क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रह सकता है एजेंडे में।
फ्रांस में आयोजित G7 Summit के दौरान भारत और अमेरिका के रिश्तों को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण मुलाकात होने जा रही है। Prime Minister Narendra Modi और Donald Trump की प्रस्तावित बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी जारी है।
यह बैठक कई मायनों में खास मानी जा रही है। हाल के दिनों में Iran और क्षेत्रीय संघर्षों से जुड़े घटनाक्रमों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच ईरान के आसपास के समुद्री क्षेत्र में हुई घटनाओं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी नई चुनौतियां सामने आई हैं।
कई अहम मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति, हिंद-प्रशांत रणनीति और आर्थिक सहयोग जैसे विषय प्रमुख रह सकते हैं। खास तौर पर भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक संकटों का सामना कर रही है। ऐसे में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया जा सकता है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली आमने-सामने मुलाकात
बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों नेताओं की पहली औपचारिक द्विपक्षीय मुलाकात होगी। इस वजह से भी बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, हाल के घटनाक्रमों ने दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया की रणनीतिक स्थिति को प्रभावित किया है, जिस पर दोनों पक्ष विचार-विमर्श कर सकते हैं।
पहले भी कई बार हो चुकी है बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की आखिरी प्रत्यक्ष मुलाकात फरवरी 2025 में Washington, D.C. में हुई थी। हालांकि इसके बाद भी दोनों नेताओं के बीच कई बार टेलीफोन पर बातचीत हुई, खासकर ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के दौरान।
दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों को आमतौर पर सकारात्मक माना जाता है, हालांकि व्यापार शुल्क (टैरिफ) जैसे मुद्दों पर समय-समय पर मतभेद भी सामने आए हैं। इसके बावजूद भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत होता रहा है।

दुनिया की नजरें बैठक पर
फ्रांस में होने वाली यह बैठक केवल भारत और अमेरिका के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैठक से निकलने वाले संकेत आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय संबंधों और आर्थिक सहयोग की दिशा तय करने में भूमिका निभा सकते हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि मोदी और ट्रंप की मुलाकात से कौन से बड़े संदेश निकलकर सामने आते हैं और क्या दोनों देश व्यापार तथा सुरक्षा से जुड़े लंबित मुद्दों पर कोई नई प्रगति दर्ज कर पाते हैं।
