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Mohammed Siraj को आराम क्यों दिया गया? आंकड़े बताते हैं Team India के सबसे मेहनती तेज़ गेंदबाज़ की कहानी
T20I और ODI में कम मौके मिलने के बावजूद Mohammed Siraj पिछले तीन वर्षों में Team India के सबसे बड़े ‘वर्कहॉर्स’ बनकर उभरे हैं। अब चयनकर्ता उनकी फिटनेस को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।
पिछले कुछ दिनों में जब England और Ireland के खिलाफ T20I सीरीज के लिए चुने गए Mohammed Siraj को अचानक “workload management” के तहत आराम देने की खबर आई, तो कई क्रिकेट प्रशंसक हैरान रह गए।
आखिर एक ऐसा गेंदबाज़, जो हाल के वर्षों में Team India की T20I योजनाओं का नियमित हिस्सा भी नहीं रहा, उसे आराम देने की जरूरत क्यों पड़ गई?
पहली नजर में यह फैसला समझ से परे लगता है। T20 World Cup 2026 में Siraj को सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला। ODI क्रिकेट में भी उनकी जगह पहले जैसी मजबूत नहीं रही। Champions Trophy जैसे बड़े टूर्नामेंट की टीम में भी उन्हें जगह नहीं मिली। लेकिन कहानी का असली हिस्सा इन आंकड़ों से कहीं आगे है।
दरअसल, पिछले तीन सालों में Team India ने Jasprit Bumrah के वर्कलोड को बेहद सावधानी से मैनेज किया है। Bumrah को कई बार आराम दिया गया, कुछ सीरीज से बाहर रखा गया और उनकी गेंदबाज़ी पर लगातार नजर रखी गई। लेकिन जब Bumrah आराम कर रहे थे, तब टीम की गेंदबाज़ी का सबसे बड़ा बोझ एक खिलाड़ी के कंधों पर था—Mohammed Siraj।
यही वजह है कि आज Siraj दुनिया के सबसे व्यस्त तेज़ गेंदबाज़ों में गिने जा रहे हैं।
जनवरी 2023 से अब तक Siraj ने Test, ODI, T20I और IPL को मिलाकर 1231 ओवर फेंके हैं। इस अवधि में किसी भी अन्य तेज़ गेंदबाज़ ने उनसे अधिक गेंदबाज़ी नहीं की। केवल Ravindra Jadeja ही कुल ओवरों के मामले में उनसे आगे हैं।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि Siraj का अधिकांश वर्कलोड Test क्रिकेट से आया है। उन्होंने इस दौरान 30 Test मैचों में 744 ओवर फेंके हैं। यानी उनके कुल कार्यभार का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ Test क्रिकेट से जुड़ा हुआ है, जो तेज़ गेंदबाज़ों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण प्रारूप माना जाता है।
Team India ने 2023 के बाद से 33 Test मैच खेले हैं और उनमें से 30 मुकाबलों में Siraj मैदान पर उतरे। यह लगभग 91 प्रतिशत उपस्थिति का आंकड़ा है, जो किसी भी तेज़ गेंदबाज़ के लिए असाधारण माना जाएगा।
2025 के England दौरे को ही देख लीजिए। उस सीरीज में Siraj सभी पांच Test मैच खेलने वाले इकलौते भारतीय तेज़ गेंदबाज़ थे। उन्होंने 185 ओवर फेंके और टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने।

यही कारण है कि Siraj को सिर्फ T20I या ODI क्रिकेट के नजरिए से नहीं देखा जा सकता। सीमित ओवरों में उनके मौके कम हुए होंगे, लेकिन Test क्रिकेट में उनकी अहमियत लगातार बढ़ी है।
आने वाले महीनों में Team India को 17 ODI और 10 Test मैच खेलने हैं। साथ ही 2027 World Cup की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में चयनकर्ता और टीम प्रबंधन किसी भी हालत में Siraj की फिटनेस को खतरे में नहीं डालना चाहते।
संभवतः यही वजह है कि उन्हें Afghanistan ODI सीरीज से दूर रखा गया और England-Ireland T20I सीरीज से भी आराम दिया गया। यह फैसला उनके खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं लिया गया, बल्कि इसलिए क्योंकि अब वह Team India के लिए इतने महत्वपूर्ण हो चुके हैं कि उनके फिट रहने को प्राथमिकता देना जरूरी हो गया है।
पिछले एक साल में अक्सर यह सवाल पूछा गया कि क्या Mohammed Siraj सिर्फ एक-फॉर्मेट खिलाड़ी बनकर रह गए हैं। लेकिन आंकड़े बिल्कुल अलग कहानी सुनाते हैं। सच यह है कि Siraj आज भारतीय Test टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं। शायद इसी कारण अब “workload management” का नियम उनके लिए भी लागू किया जा रहा है।
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