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“लड़कियां मुझे छोड़कर उसी को पसंद करती थीं” – Nawazuddin ने बताया क्यों Akshaye Khanna बने डेटिंग में उनकी सबसे बड़ी रुकावट
एक मज़ेदार किस्सा जिसने दिखाया अक्षय खन्ना की साइलेंट चार्म और महिलाओं के बीच उनकी जबरदस्त लोकप्रियता
बॉलीवुड में जहां स्टारडम अक्सर शोर और दिखावे से जुड़ा होता है, वहीं कुछ कलाकार ऐसे भी होते हैं जिनका असर बिना ज्यादा बोले ही लोगों पर पड़ता है। ऐसे ही एक अभिनेता हैं अक्षय खन्ना, जिनकी साइलेंट पर्सनैलिटी और रहस्यमयी अंदाज़ की चर्चा हाल ही में फिर से तेज हो गई है। इसकी वजह बना एक पुराना लेकिन बेहद दिलचस्प किस्सा, जिसे नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने खुद साझा किया था।
यह किस्सा उस समय का है जब दोनों अभिनेता Mom के प्रमोशन के दौरान NDTV को इंटरव्यू दे रहे थे। बातचीत के बीच नवाज़ुद्दीन ने अपने कुंवारे दिनों का ज़िक्र करते हुए बताया कि उन्हें डेटिंग के दौरान कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा — और इसकी वजह कोई और नहीं बल्कि अक्षय खन्ना थे।
“सब लड़कियां उन्हीं की फैन थीं”
नवाज़ुद्दीन ने हंसते हुए कहा, “मैं जब शादी से पहले किसी को पटाने की कोशिश करता था, तो लगभग हर बार रिजेक्ट हो जाता था। तब मैंने लड़कियों से पूछा कि उन्हें आखिर किस तरह का लड़का पसंद है। और सच बताऊं तो सब अक्षय खन्ना की फैन निकलीं।”
यह सुनकर वहां मौजूद दर्शक, खुद अक्षय खन्ना और दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी भी हंस पड़े। कैमरे पर दिखा कि अक्षय इस किस्से को बेहद शांति से सुन रहे थे, जैसे यह सब उनके लिए बिल्कुल नया नहीं हो।

“उसकी आंखें, उसकी मुस्कान…”
नवाज़ुद्दीन ने आगे बताया, “कोई उसकी मुस्कान की बात करता था, कोई उसकी आंखों की। सच में, महिलाओं पर उसका अजीब सा असर था। उसकी फैन फॉलोइंग बहुत बड़ी थी।”
इस पर अक्षय ने हल्के से चौंकते हुए कहा, “मेरी?” तो नवाज़ुद्दीन ने तुरंत बात संभालते हुए कहा कि आज भी महिलाएं अक्षय को उतना ही पसंद करती हैं, बस फर्क इतना है कि वह बहुत कम फिल्में करते हैं।
कम फिल्में, ज्यादा क्रेज
नवाज़ुद्दीन ने अंत में कहा, “हमारी दुआ है कि अक्षय खन्ना और ज्यादा फिल्में करें। उनके इतने सारे फैंस उन्हें बार-बार स्क्रीन पर देखना चाहते हैं।” यह बात आज और भी सच लगती है, खासकर जब हाल ही में आदित्य धर की फिल्म Dhurandhar में अक्षय की परफॉर्मेंस को इंडस्ट्री और दर्शकों से जबरदस्त सराहना मिली है।
साइलेंट स्टारडम का असर
अक्षय खन्ना का यह किस्सा इस बात की याद दिलाता है कि स्टारडम सिर्फ आक्रामक पब्लिसिटी या सोशल मीडिया मौजूदगी से नहीं बनता। कभी-कभी शांत स्वभाव, सीमित काम और स्क्रीन पर दमदार मौजूदगी भी किसी अभिनेता को महिलाओं और दर्शकों के बीच खास बना देती है।
नवाज़ुद्दीन का यह कबूलनामा भले ही मज़ाकिया अंदाज़ में था, लेकिन इसने एक बार फिर साबित कर दिया कि अक्षय खन्ना का चार्म आज भी उतना ही असरदार है—जितना सालों पहले था।
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