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Cabinet Shuffle से लेकर Gujarat की ऐतिहासिक नियुक्ति तक: Delhi की सत्ता गलियारों में क्यों बढ़ी हलचल?
Political corridors में एक साथ कई बड़े संकेत, Raghav Chadha से लेकर India-Africa Summit तक चर्चाओं का दौर तेज
Delhi के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों हलचल तेज है। Cabinet reshuffle की अटकलों से लेकर राज्यों में अहम प्रशासनिक बदलावों तक, कई मुद्दे एक साथ चर्चा में हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी बड़े फैसले की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अंदरूनी चर्चाओं ने सियासी माहौल को गर्म जरूर कर दिया है।
सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम को लेकर हो रही है, वह है Raghav Chadha। हाल ही में उनके राजनीतिक सफर को लेकर तरह-तरह की अटकलें सामने आई हैं। कहा जा रहा है कि अगर आने वाले समय में केंद्र में कोई Cabinet reshuffle होता है, तो कुछ नए चेहरों को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि फिलहाल इस पर किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा लगातार बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसे बदलाव होते हैं तो इसका असर सिर्फ केंद्र ही नहीं, बल्कि राज्यों की राजनीति पर भी पड़ सकता है। खासकर Punjab जैसे राज्यों में, जहां राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
इसी बीच एक और दिलचस्प चर्चा US Ambassador Sergio Gor को लेकर भी सामने आई है। हाल ही में उनकी Guwahati और Kolkata यात्रा के बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई थीं कि West Bengal के नेताओं से कोई अहम मुलाकात हो सकती है। हालांकि यह बैठक नहीं हो पाई, लेकिन अब सूत्रों के मुताबिक इसे फिर से प्लान किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
Kolkata को भारत में अमेरिकी कूटनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है, और ऐसे में किसी भी उच्चस्तरीय मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ Gujarat में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी चर्चा में है। राज्य के अगले Chief Secretary को लेकर अटकलें तेज हैं। मौजूदा Chief Secretary Manoj Kumar Das के रिटायरमेंट के बाद इस पद को लेकर कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं।

सबसे खास बात यह है कि इस बार पहली बार किसी महिला अधिकारी को यह जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। Jayanti Ravi और Anju Sharma जैसे वरिष्ठ अधिकारी इस रेस में बताए जा रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो यह Gujarat के प्रशासनिक इतिहास में एक अहम कदम होगा।
इसके अलावा Delhi में होने जा रहा India-Africa Forum Summit भी चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। 11 साल बाद यह बड़ा डिप्लोमैटिक इवेंट फिर से लौट रहा है, जिसमें अब तक 37 देशों के प्रमुखों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। सरकार की कोशिश है कि यह संख्या 41 तक पहुंचाई जाए, जैसा 2015 के शिखर सम्मेलन में देखा गया था।
इस बीच Archaeological Survey of India (ASI) को लेकर भी अंदरूनी विवाद की खबरें सामने आई हैं। कुछ अधिकारियों पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर संगठन के भीतर असहमति देखी जा रही है। हालांकि अब संकेत मिल रहे हैं कि पहले की व्यवस्था को फिर से बहाल किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, इन सभी घटनाक्रमों ने यह साफ कर दिया है कि देश की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र में एक साथ कई स्तरों पर हलचल जारी है। आने वाले दिनों में इन चर्चाओं का असर किस दिशा में जाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
