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‘कहीं न कहीं जवाबदेही तय होनी चाहिए…’ Ashwin ने BCCI के सिस्टम पर उठाए सवाल, Bumrah-Varun की चोटों के बीच CoE पर बढ़ी बहस
Jasprit Bumrah की Sri Lanka Test सीरीज से गैरमौजूदगी और Varun Chakravarthy के लंबे rehabilitation के बाद BCCI Centre of Excellence की injury management व्यवस्था चर्चा में है। Ravichandran Ashwin ने कहा कि खिलाड़ियों की चोटों के प्रबंधन को लेकर accountability तय करने का वक्त आ गया है।
भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की लगातार चोट और लंबे rehabilitation को लेकर BCCI के Bengaluru स्थित Centre of Excellence (CoE) की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में है। अब भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर Ravichandran Ashwin ने भी injury management को लेकर सिस्टम में जवाबदेही की जरूरत बताई है।
Ashwin की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब Jasprit Bumrah की Sri Lanka के खिलाफ Test सीरीज से गैरमौजूदगी और Varun Chakravarthy की फिटनेस से जुड़े घटनाक्रम ने CoE की injury-management प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।
‘Injury management में accountability होनी चाहिए’
अपने YouTube चैनल पर बात करते हुए Ashwin ने भारतीय क्रिकेट के मौजूदा workload और चोटों को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने Tests, ODIs और T20Is के लिए अलग-अलग टीमों की दिशा में आगे बढ़ने का सुझाव भी दिया।
Ashwin ने कहा, “मुझे लगता है कि खिलाड़ियों की injury management को लेकर कहीं न कहीं accountability तय होनी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग formats की टीमों के बीच एक-दो खिलाड़ियों का overlap हो सकता है, लेकिन लगातार क्रिकेट के बीच workload को बेहतर तरीके से संभालना जरूरी है।
Varun Chakravarthy का उदाहरण देते हुए क्या बोले Ashwin?
Ashwin ने Varun Chakravarthy का उदाहरण देते हुए कहा कि वह पिछले कुछ महीनों से National Cricket Academy/Centre of Excellence में थे। Ashwin के मुताबिक Tamil Nadu Premier League के दौरान भी Varun को रिलीज करने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन उन्हें रिलीज नहीं किया गया।
Ashwin ने कहा कि जहां उनकी उम्मीद करीब एक महीने में वापसी की थी, वहीं rehabilitation उससे काफी लंबा चला।
Varun ने हाल ही में hamstring injury से उबरने के बाद Afghanistan के खिलाफ T20I सीरीज में वापसी की थी, लेकिन पहले मैच में ही उन्हें बाएं abdominal क्षेत्र में परेशानी हुई। बाद के scans में side strain सामने आया और वह बाकी दो T20Is से बाहर हो गए।
Bumrah के मामले के बाद CoE पर क्यों उठे सवाल?
इस बहस के केंद्र में Jasprit Bumrah का मामला भी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक national selection committee को शुरुआत में उम्मीद थी कि Bumrah 15 अगस्त से शुरू हुई Sri Lanka Test सीरीज के लिए उपलब्ध होंगे। बाद में पता चला कि उनकी चोट उम्मीद से अधिक गंभीर थी और वह दौरे से बाहर हो गए।
Bumrah को Sri Lanka दौरे के लिए शुरुआती squad में शामिल किया गया था, लेकिन बाएं घुटने की चोट से पूरी तरह नहीं उबर पाने के बाद Auqib Nabi ने टीम में उनकी जगह ली।
रिपोर्ट्स में CoE की sports science और medical team तथा senior men’s selection setup के बीच communication को लेकर भी सवाल उठाए गए। अगस्त में CoE अधिकारियों और तत्कालीन chief selector Ajit Agarkar के बीच खिलाड़ियों की injury management पर चर्चा के लिए virtual meeting भी हुई थी।
CoE में Sports Science Head का पद भी रहा चर्चा में
Centre of Excellence की संरचना को लेकर भी हाल में सवाल सामने आए हैं। The Indian Express की अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व sports science head Nitin Patel के जाने के 18 महीने से अधिक समय बाद तक BCCI इस पद के लिए स्थायी replacement तलाश रहा था।
CoE प्रमुख VVS Laxman और BCCI सचिव Devajit Saikia ने उस समय बताया था कि बोर्ड ने उम्मीदवार खोजने के लिए कई दौर की प्रक्रिया पूरी की, लेकिन चयनित उम्मीदवार ने आखिरी समय में निजी कारणों से पद स्वीकार नहीं किया।
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Ashwin ने खिलाड़ियों को भी दी जिम्मेदारी लेने की सलाह
हालांकि Ashwin ने पूरी जिम्मेदारी सिर्फ सिस्टम पर नहीं डाली। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को भी यह समझना होगा कि उनके शरीर के लिए कौन-सी training सही है और कौन-सी exercise चोट का जोखिम बढ़ा सकती है।
Ashwin ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए बताया कि 2015 में उन्हें side strain हुआ था, जिसे उन्होंने Olympic lifting से जोड़ा। इसके बाद उन्होंने ‘snatching’ exercise करना बंद कर दिया था।
उनके मुताबिक Olympic lifting से speed और power production में फायदा हो सकता है, लेकिन अगर किसी खिलाड़ी के शरीर या उसकी चोट के इतिहास के लिए कोई exercise अनुकूल नहीं है, तो खिलाड़ी को भी अपनी training पर नजर रखनी चाहिए।
BCCI भी injury management पर कर चुका है समीक्षा

खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच BCCI ने सितंबर की शुरुआत में review meeting भी की थी। इसमें 2027 ODI World Cup की तैयारी, workload management और लगातार सामने आ रही injury concerns पर चर्चा हुई। रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड चाहता है कि team management, selectors और CoE खिलाड़ियों की fitness को लेकर बेहतर तालमेल के साथ काम करें।
BCCI सचिव Devajit Saikia ने व्यस्त international calendar और IPL जैसे लंबे टूर्नामेंट के workload को भी खिलाड़ियों की fitness के लिए चुनौती बताया था। बोर्ड ने भविष्य के tours में पर्याप्त आराम और acclimatisation को ध्यान में रखकर कार्यक्रम तैयार करने की बात कही।
Ashwin की टिप्पणी ने अब इसी बहस में एक और अहम पहलू जोड़ दिया है—चोट लगना खेल का हिस्सा हो सकता है, लेकिन rehabilitation, communication और workload management में किसकी क्या जिम्मेदारी है, इसे स्पष्ट करना भी उतना ही जरूरी है।
