World News
‘अगर Saudi Arabia ने बुलाया तो…’ Pakistan के सामने मंडराया सबसे बड़ा युद्ध संकट, Iran-Houthi हमलों ने बढ़ाई Islamabad की चिंता
Saudi Arabia पर Houthi मिसाइल हमले के बाद Pakistan की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रक्षा समझौते, Middle East में बढ़ते तनाव और US-Iran संघर्ष के बीच Islamabad पर युद्ध में खिंचने का खतरा गहराता दिख रहा है।
Islamabad: Pakistan के सामने एक नई रणनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है। Saudi Arabia पर Iran समर्थित Houthi विद्रोहियों के हालिया मिसाइल हमले ने पूरे Middle East में तनाव बढ़ा दिया है। इस घटनाक्रम ने Islamabad की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि Pakistan और Saudi Arabia के बीच रक्षा सहयोग का ऐसा समझौता है, जिसके तहत एक देश पर हमला दोनों देशों के खिलाफ हमला माना जाता है।
इसी वजह से क्षेत्र में बढ़ता तनाव अब Pakistan को भी संभावित युद्ध के दायरे में ला सकता है।
Shehbaz Sharif ने Saudi Arabia के समर्थन का किया ऐलान
Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif ने Saudi Arabia पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में शांति और स्थिरता को और कमजोर करेंगी। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि Pakistan क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के हर ईमानदार प्रयास में Saudi Arabia के साथ खड़ा रहेगा।
‘Saudi पर हमला, Pakistan की रेड लाइन’
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, Pakistan के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि देश के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व ने Iran को स्पष्ट संदेश दिया है कि Saudi Arabia पर हमला Pakistan की “रेड लाइन” है।
अधिकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच मौजूद सुरक्षा समझौते के कारण Islamabad इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से देख रहा है।
US-Iran तनाव ने बढ़ाई परेशानी
स्थिति इसलिए भी जटिल हो गई है क्योंकि US और Iran के बीच हाल ही में हुआ समझौता (MoU) ज्यादा समय तक नहीं टिक पाया। इसके बाद दोनों देशों के बीच फिर से तनाव बढ़ गया।
Pakistan अब तक दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन Houthi हमलों ने उसकी कूटनीतिक स्थिति को और कठिन बना दिया है।
Pakistan के सैनिक पहले से Saudi सीमा के पास तैनात
रिपोर्ट के अनुसार, Pakistan Army के कुछ सैनिक पहले से Saudi Arabia-Yemen सीमा के पास तैनात हैं। यदि Houthi विद्रोही अपने हमलों का दायरा बढ़ाते हैं, तो इन सैनिकों पर सीधा खतरा बढ़ सकता है।
यही कारण है कि Islamabad किसी भी नए सैन्य टकराव से बचना चाहता है।
और भी पढ़ें : Iran से बातचीत, साथ में Fighter Jets और 2,000 Troops West Asia में US की दोहरी चाल, JD Vance पहुँचे Pakistan
Red Sea व्यापार मार्ग पर भी मंडरा रहा खतरा
विश्लेषकों का मानना है कि यदि Houthi विद्रोही Red Sea में हमलों को तेज करते हैं, तो यह समुद्री व्यापार को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
Red Sea के रास्ते Pakistan का बड़ा हिस्सा ऊर्जा आयात और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर निर्भर है। ऐसे में युद्ध बढ़ने का सीधा असर उसकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
Iran का दौरा भी टला

बढ़ते तनाव के बीच Iran Interior Minister Eskandar Momeni का Islamabad दौरा भी निर्धारित समय से दो दिन देरी से हुआ।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में US-Iran संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा होनी थी, लेकिन हालिया घटनाओं ने बातचीत के एजेंडे को और संवेदनशील बना दिया।
‘अगर Saudi बुलाएगा, तो Pakistan साथ खड़ा होगा’
Reuters से बातचीत में एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि सभी पक्ष चाहते हैं कि युद्ध जल्द समाप्त हो, लेकिन यदि Saudi Arabia औपचारिक रूप से मदद मांगता है तो Pakistan उसके साथ खड़ा होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि Pakistan फिलहाल तटस्थ रहने की कोशिश कर रहा है, लेकिन Saudi Arabia के साथ उसके रक्षा संबंध, ऊर्जा निर्भरता और रणनीतिक साझेदारी भविष्य में उसे कठिन निर्णय लेने के लिए मजबूर कर सकती है।
