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भारत में महंगे हुए स्मार्टफोन: Samsung, Xiaomi जैसे ब्रांड्स ने 40% तक बढ़ाई कीमतें

मेमोरी चिप की कमी और वैश्विक तनाव का असर, महंगे दामों से ग्राहक टाल रहे अपग्रेड

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Smartphone Prices Rise in India: Samsung, Xiaomi, Oppo Increase Rates Up to 40%
स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों को नया फोन खरीदने से पहले सोचने पर मजबूर किया।

भारत में स्मार्टफोन खरीदना अब पहले जितना आसान नहीं रहा। पिछले कुछ महीनों में Samsung, Xiaomi, Oppo, Realme, Vivo और Nothing जैसे कई बड़े ब्रांड्स ने अपने फोन की कीमतों में 40% तक की बढ़ोतरी कर दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 के दूसरे हाफ से अब तक 8 से ज्यादा कंपनियों ने अपने डिवाइस महंगे किए हैं, जिसमें औसतन हर फोन पर करीब 1500 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई है।

सबसे ज्यादा असर मिड-रेंज स्मार्टफोन पर पड़ा है, जो पहले भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा बिकते थे। अब इनकी कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि कई ग्राहक नया फोन खरीदने के बजाय पुराने फोन की मरम्मत करवाना पसंद कर रहे हैं।

इसका असर बाजार पर भी साफ दिख रहा है। 2026 में स्मार्टफोन बिक्री में करीब 9% की गिरावट दर्ज की गई है, जो बढ़ती कीमतों के प्रति ग्राहकों की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

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आखिर क्यों महंगे हो रहे हैं स्मार्टफोन?

इस कीमत बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह है मेमोरी चिप्स की कमी। स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली DRAM और NAND Flash की सप्लाई फिलहाल कम हो गई है।

Smartphone Prices Rise in India: Samsung, Xiaomi, Oppo Increase Rates Up to 40%


दरअसल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के कारण कंपनियां अब हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स बनाने पर ज्यादा फोकस कर रही हैं। ये चिप्स डेटा सेंटर और AI सिस्टम में इस्तेमाल होते हैं और इन पर मुनाफा भी ज्यादा होता है।

इस वजह से कंपनियां स्मार्टफोन और PC में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक मेमोरी के बजाय AI चिप्स की तरफ शिफ्ट हो रही हैं, जिससे मोबाइल इंडस्ट्री में कमी पैदा हो गई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मेमोरी कंपोनेंट्स की कीमत 50-60% तक बढ़ चुकी है, जिसका सीधा असर स्मार्टफोन की कीमतों पर पड़ा है।

वैश्विक तनाव भी बना वजह

इसके अलावा Iran, United States और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। शिपिंग लागत बढ़ने से कंपनियों का खर्च और बढ़ गया, जिसका बोझ आखिरकार ग्राहकों पर डाला जा रहा है।

आगे क्या बदल सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां लागत कम करने के लिए अब 16GB RAM वाले वेरिएंट कम कर सकती हैं और उनकी जगह 8GB या 12GB विकल्प ज्यादा देखने को मिल सकते हैं।

कुल मिलाकर, स्मार्टफोन बाजार एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां तकनीक की मांग और वैश्विक परिस्थितियां मिलकर कीमतों को प्रभावित कर रही हैं।