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पीरियड्स पर बयान देकर घिरीं श्रीलीला, ‘बहाना न बनाएं’ टिप्पणी से छिड़ी बहस

एक्ट्रेस और डॉक्टर होने के नाते बयान पर उठे सवाल, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी

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पीरियड्स पर दिए बयान के बाद सोशल मीडिया पर विवादों में घिरीं अभिनेत्री श्रीलीला।

साउथ फिल्म इंडस्ट्री की उभरती स्टार Sreeleela इन दिनों अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर गई हैं। पीरियड्स (मासिक धर्म) को लेकर दिया गया उनका एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

दरअसल, हाल ही में एक अवेयरनेस प्रोग्राम के दौरान श्रीलीला से पूछा गया कि क्या उन्हें शूटिंग के दौरान पीरियड्स की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इस पर उन्होंने कहा कि “पीरियड्स हमारे लिए समस्या नहीं बनने चाहिए। मैंने कई हिट गानों की शूटिंग पीरियड्स के दौरान की है। इसे महिलाओं के लिए बहाना नहीं बनाना चाहिए।”

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उन्होंने आगे कहा कि जब महिलाएं पुरुषों के बराबर अधिकार और अवसर की मांग करती हैं, तो उन्हें शारीरिक या मानसिक चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को आगे बढ़ाना चाहिए।

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हालांकि, उनका यह बयान सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन गया। जहां कुछ लोगों ने इसे महिलाओं को प्रेरित करने वाला बताया, वहीं बड़ी संख्या में यूजर्स ने इसे असंवेदनशील और अव्यावहारिक करार दिया।

कई लोगों का कहना है कि हर महिला का शरीर अलग होता है और पीरियड्स के दौरान दर्द और तकलीफ का स्तर भी अलग-अलग होता है। ऐसे में सभी महिलाओं से “खुद को पुश करने” की उम्मीद करना सही नहीं है।

विवाद इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि श्रीलीला न केवल एक अभिनेत्री हैं, बल्कि उन्होंने महाराष्ट्र के DY Patil University से एमबीबीएस की पढ़ाई भी पूरी की है। ऐसे में एक डॉक्टर के रूप में उनके बयान से लोगों की अपेक्षाएं और बढ़ जाती हैं।

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा कि एक डॉक्टर होने के नाते उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए था कि हर महिला के लिए एक जैसा अनुभव नहीं होता। कुछ ने तो यहां तक कहा कि “दर्द सहना मजबूरी है, विकल्प नहीं।”

फिलहाल, यह मुद्दा महिलाओं के स्वास्थ्य, समाज में पीरियड्स को लेकर सोच और पेशेवर जिम्मेदारी जैसे कई पहलुओं पर नई बहस छेड़ रहा है।

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