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US-Iran युद्ध का 20वां दिन: Trump की Iran को सख्त चेतावनी — “South Pars तबाह कर देंगे”, Qatar के LNG प्लांट को भारी नुकसान
Israel ने ईरानी Intelligence Minister को मार गिराया, Macron ने Trump से की बात, Iraq के Kataeb Hezbollah ने रखी 5 दिन के युद्धविराम की शर्त — हर मोर्चे पर बढ़ता तनाव
US-Iran युद्ध अपने 20वें दिन में दाखिल हो गया है और हालात हर घंटे के साथ और ज़्यादा जटिल होते जा रहे हैं। एक तरफ मिसाइलें दागी जा रही हैं, दूसरी तरफ दुनिया के बड़े नेता फोन पर एक-दूसरे से बात कर रहे हैं — लेकिन ज़मीन पर आग अभी भी बुझने का नाम नहीं ले रही।
Trump की दो टूक चेतावनी — South Pars को मिटा देंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बुधवार को साफ शब्दों में Iran को चेतावनी दी कि अगर Qatar की मुख्य गैस सुविधाओं पर हमले जारी रहे तो ईरान का South Pars गैस फील्ड — जो दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार है — पूरी तरह तबाह किया जा सकता है। यह चेतावनी उस वक्त आई जब Qatar ने पुष्टि की कि ईरानी मिसाइल हमलों से उसके कई LNG ठिकानों को “भारी नुकसान” पहुंचा है।
Trump पहले ही कह चुके हैं कि Israel दोबारा South Pars पर हमला नहीं करेगा — लेकिन अगर Iran ने Qatar को निशाना बनाना जारी रखा तो वह खुद यह काम करवाएंगे।
Israel का दावा — “आगे और बड़े सरप्राइज़ आने वाले हैं”
Israeli Defence Minister Israel Katz ने ईरान के Intelligence Minister Esmail Khatib की हत्या के बाद कहा कि आने वाले वक्त में “महत्वपूर्ण सरप्राइज़” देखने को मिलेंगे। इससे एक दिन पहले Israel ने ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी Ali Larijani और Basij के जनरल Gholam Reza Soleimani को भी एयरस्ट्राइक में मार गिराया था।
इन हत्याओं पर ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने गहरा आक्रोश जताया और चेतावनी दी कि इसके “बेकाबू परिणाम” निकल सकते हैं जो “पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकते हैं।”
Trump के फैसले पर उठे सवाल — अमेरिका के भीतर से ही विरोध
अमेरिका के पूर्व National Counterterrorism Center के Director Joe Kent ने एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि Trump के Iran पर हमले के फैसले से पहले कोई “गंभीर बहस” नहीं हुई। उनके मुताबिक उन्हें और कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को — जिन्हें इस युद्ध पर आपत्ति थी — राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रखने से रोका गया। यह बयान अमेरिकी प्रशासन के भीतर की दरारों को सामने लाता है।
Macron ने Trump और Qatar के अमीर से की बात
फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने X पर बताया कि उन्होंने Trump और Qatar के अमीर दोनों से बात की है। Macron ने ज़ोर देकर कहा कि बिजली, पानी और ऊर्जा जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत रोके जाने चाहिए। उन्होंने इसे “साझा हित” का मामला बताया और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
Iraq के Kataeb Hezbollah की शर्तें

Iraq के प्रभावशाली Iran-समर्थक सशस्त्र गुट Kataeb Hezbollah ने कहा है कि वे Baghdad में अमेरिकी दूतावास पर हमले 5 दिनों के लिए रोक सकते हैं — लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं। गुट ने मांग की है कि Israel, Beirut के दक्षिणी इलाकों — जो Hezbollah का गढ़ है — पर बमबारी बंद करे। साथ ही US-Israeli ऑपरेशन Iraq के आवासीय इलाकों को निशाना न बनाएं।
पहली बार — ईरानी मिसाइल से फिलिस्तीनी महिलाएं मारी गईं
इस पूरे संघर्ष में एक दुखद और अप्रत्याशित मोड़ तब आया जब Palestinian Red Crescent ने बताया कि बुधवार रात ईरान की एक मिसाइल ने West Bank में तीन फिलिस्तीनी महिलाओं की जान ले ली। यह इस युद्ध में पहली बार हुआ जब किसी ईरानी हमले में फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए — जो एक गहरी विडंबना है।
बड़ी बातें एक नज़र में
इस पूरे घटनाक्रम को देखें तो तस्वीर साफ है — यह युद्ध अब सिर्फ ईरान और इज़रायल के बीच नहीं रहा। Qatar का ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर, Iraq की ज़मीन, Lebanon की गलियां और West Bank के निर्दोष नागरिक — सब इस आग की चपेट में आ रहे हैं। Trump की चेतावनियां, Macron की अपीलें और Kataeb Hezbollah की शर्तें — सब एक ऐसे संकट की तरफ इशारा कर रहे हैं जो किसी भी वक्त और बड़ा हो सकता है।
दुनिया की नज़रें अब इस पर टिकी हैं कि अगला कदम कौन उठाता है — और वह कदम कहां ले जाएगा।
