Connect with us

Technology

Bill Gates और Mark Zuckerberg अपने बच्चों को पूरी संपत्ति क्यों नहीं देंगे? सामने आई चौंकाने वाली वजह

दुनिया के कई अरबपति मानते हैं कि अपार संपत्ति विरासत में देने से बच्चों के विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। यही वजह है कि वे अपनी अधिकांश दौलत समाजसेवा और परोपकार के लिए दान करने का फैसला कर रहे हैं।

Published

on

Dainik Diary Asad 6 15
Bill Gates, Mark Zuckerberg सहित कई अरबपति अपनी अधिकांश संपत्ति बच्चों को देने के बजाय समाजसेवा और परोपकारी कार्यों में लगाने के पक्षधर हैं।

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल Bill Gates, Mark Zuckerberg और कई अन्य अरबपतियों ने अपनी संपत्ति को लेकर एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है। ये कारोबारी अपनी पूरी दौलत अपने बच्चों के नाम करने के बजाय उसका बड़ा हिस्सा समाजसेवा और परोपकारी कार्यों में लगाने के पक्षधर हैं।

उनका मानना है कि बच्चों को जरूरत से ज्यादा विरासत में मिलने वाली संपत्ति उनकी मेहनत, आत्मनिर्भरता और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा को प्रभावित कर सकती है।

क्यों नहीं छोड़ना चाहते पूरी संपत्ति?

कई अरबपतियों का मानना है कि यदि बच्चों को बिना मेहनत के बहुत बड़ी संपत्ति मिल जाए, तो उनके भीतर संघर्ष करने और अपने दम पर सफलता हासिल करने की इच्छा कम हो सकती है।

और भी पढ़ें : वर्ल्ड कप से पहले घाना को झटका: Thomas पार्टी को कनाडा का वीज़ा नहीं, सरकार ने फैसले को दी चुनौती

इसी सोच के चलते वे चाहते हैं कि अगली पीढ़ी अपनी पहचान खुद बनाए और अपने प्रयासों से जीवन में आगे बढ़े। उनका मानना है कि सबसे बड़ी विरासत धन नहीं, बल्कि अच्छी शिक्षा, मूल्य और अवसर हैं।

परोपकार को दे रहे हैं प्राथमिकता

पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के कई बड़े उद्योगपति शिक्षा, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, वैज्ञानिक अनुसंधान और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में अरबों डॉलर का निवेश कर चुके हैं।

उनका कहना है कि यदि उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा समाज के कल्याण में लगाया जाए, तो उससे करोड़ों लोगों का जीवन बेहतर बनाया जा सकता है। इसी सोच के तहत कई अरबपति अपनी संपत्ति का अधिकांश हिस्सा दान करने की सार्वजनिक घोषणा भी कर चुके हैं।

बच्चों को देंगे अवसर, लेकिन सीमित विरासत

विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि अरबपति अपने बच्चों को कुछ भी नहीं देंगे। आमतौर पर वे उन्हें अच्छी शिक्षा, आर्थिक सुरक्षा और करियर शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराते हैं।

Dainik Diary Asad 7 15


हालांकि, वे इतनी बड़ी संपत्ति विरासत में नहीं देना चाहते कि बच्चे पूरी तरह उसी पर निर्भर हो जाएं।

बदल रही है नई पीढ़ी के अमीरों की सोच

पहले जहां परिवार की पूरी संपत्ति अगली पीढ़ी को सौंपना सामान्य माना जाता था, वहीं अब कई सफल उद्यमी इस सोच से अलग रास्ता अपना रहे हैं। उनका मानना है कि सफलता का असली मूल्य तभी है जब उसे अपनी मेहनत और प्रतिभा से हासिल किया जाए।

इस बदलाव को आधुनिक कारोबारी संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

समाज पर पड़ सकता है बड़ा असर

विश्लेषकों का मानना है कि यदि दुनिया के बड़े उद्योगपति अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश करते हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव लाखों लोगों तक पहुंच सकता है।

हालांकि, यह पूरी तरह हर परिवार का व्यक्तिगत निर्णय होता है कि वह अपनी संपत्ति का उपयोग किस प्रकार करना चाहता है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *