Sports
Argentina फाइनल में पहुंची तो English Referee क्यों नहीं करा पाएंगे मैच? FIFA के नियम के पीछे छिपी है पुरानी वजह
अगर Lionel Messi की Argentina FIFA World Cup 2026 के फाइनल में जगह बनाती है, तो England के रेफरी उस मुकाबले में नियुक्त नहीं किए जाएंगे। इसकी वजह सिर्फ फुटबॉल नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही संवेदनशील परिस्थितियां भी हैं।
FIFA World Cup 2026 अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है और सेमीफाइनल मुकाबलों के साथ फाइनल को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच एक दिलचस्प सवाल सामने आया है कि यदि Lionel Messi की Argentina फाइनल में पहुंचती है, तो England के रेफरी उस मुकाबले का संचालन क्यों नहीं कर पाएंगे?
दरअसल, FIFA बड़े टूर्नामेंटों में रेफरी की नियुक्ति करते समय केवल उनकी योग्यता ही नहीं, बल्कि निष्पक्षता और संभावित हितों के टकराव (Conflict of Interest) को भी ध्यान में रखता है। ऐसे मामलों में कोशिश की जाती है कि मैच अधिकारियों की नियुक्ति किसी भी तरह के विवाद या पक्षपात की आशंका से पूरी तरह दूर रहे।
और भी पढ़ें : वर्ल्ड कप से पहले घाना को झटका: Thomas पार्टी को कनाडा का वीज़ा नहीं, सरकार ने फैसले को दी चुनौती
Argentina और England के बीच दशकों से खेल और इतिहास दोनों स्तरों पर एक चर्चित प्रतिद्वंद्विता रही है। इसी संवेदनशील पृष्ठभूमि को देखते हुए FIFA आमतौर पर ऐसे मुकाबलों में उन देशों के रेफरी नियुक्त करने से बचता है, जिनकी मौजूदगी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकती है।
फुटबॉल विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रक्रिया किसी एक देश या टीम के खिलाफ नहीं होती, बल्कि टूर्नामेंट की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अपनाई जाती है। इसी वजह से विश्व कप के बड़े मुकाबलों में रेफरी चयन के दौरान कई स्तरों पर समीक्षा की जाती है।

यदि Argentina फाइनल में पहुंचती है, तो संभावना है कि मैच के लिए किसी अन्य तटस्थ देश के अनुभवी रेफरी और VAR अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मुकाबले पर किसी प्रकार का अनावश्यक विवाद न हो और दोनों टीमों को समान अवसर मिले।
FIFA World Cup जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में रेफरी की भूमिका बेहद अहम होती है। एक छोटा-सा फैसला भी मैच की दिशा बदल सकता है, इसलिए संगठन रेफरी चयन को लेकर बेहद सावधानी बरतता है।
अब सभी की नजरें सेमीफाइनल मुकाबलों पर हैं। अगर Argentina फाइनल में पहुंचती है, तो केवल ट्रॉफी की जंग ही नहीं, बल्कि रेफरी नियुक्ति को लेकर भी चर्चा तेज होने की संभावना है।
