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Yamuna Pollution March में बढ़ा, DPCC रिपोर्ट में खुलासा, Faecal Coliform 4 लाख यूनिट तक पहुंचा
Delhi Pollution Control Committee की रिपोर्ट में खुलासा, BOD भी 20 गुना ज्यादा सुरक्षित सीमा से ऊपर; विशेषज्ञों ने जताई चिंता
Delhi की जीवनरेखा कही जाने वाली Yamuna River की स्थिति एक बार फिर गंभीर हो गई है। Delhi Pollution Control Committee (DPCC) की ताज़ा मासिक रिपोर्ट के अनुसार March महीने में Yamuna की पानी की गुणवत्ता February के मुकाबले और खराब हो गई है।
हालांकि पिछले साल की तुलना में कुछ सुधार जरूर देखा गया है, लेकिन मौजूदा आंकड़े नदी की गंभीर स्थिति को साफ तौर पर दिखाते हैं।
Faecal Coliform में भारी बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार March में faecal coliform का स्तर 4,00,000 MPN/100ml तक पहुंच गया, जबकि February में यह 1,10,000 यूनिट था।
यह आंकड़ा सुरक्षित सीमा 2,500 यूनिट से कई गुना अधिक है, जो sewage contamination का संकेत देता है।
BOD भी खतरनाक स्तर पर
Biological Oxygen Demand (BOD), जो पानी में ऑक्सीजन की जरूरत को दर्शाता है, March में 60 mg/l तक पहुंच गया।
- सुरक्षित सीमा: 3 mg/l
- March peak: 60 mg/l
- February peak: 36 mg/l
इसका मतलब है कि पानी में प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक है और aquatic life के लिए परिस्थितियां गंभीर हैं।
पिछले साल से बेहतर, लेकिन हालात अब भी खराब
DPCC डेटा यह भी दिखाता है कि March 2025 की तुलना में इस साल स्थिति थोड़ी बेहतर है।
- March 2025:
- Faecal coliform: 1.3 million units
- BOD: 70 mg/l
इसके बावजूद विशेषज्ञों का कहना है कि नदी की स्थिति अब भी बेहद खराब है।
पर्यावरणीय कारण और विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार इस समय Yamuna में pollution बढ़ने का एक बड़ा कारण “lean season” है, जब बारिश कम होती है और नदी में पानी का flow घट जाता है।
इससे:
- pollutants को flush करने की क्षमता कम हो जाती है
- Hathnikund barrage से कम पानी छोड़ा जाता है
- environmental flow (e-flow) घट जाता है
DO स्तर zero तक पहुंचा
Dissolved Oxygen (DO), जो जलीय जीवन के लिए जरूरी है, March में कई जगहों पर बेहद कम या शून्य पाया गया।
- Palla से Wazirabad: 3.1–4 mg/l
- Downstream: 0 mg/l
सुरक्षित स्तर: 5 mg/l या उससे अधिक
February में स्थिति थोड़ी बेहतर थी, लेकिन कई जगह DO फिर भी काफी कम था।

नालों से pollution पर सवाल
Yamuna activist Pankaj Kumar ने कहा कि Najafgarh drain और Sonia Vihar drain जैसे प्रमुख नालों में BOD में कमी के बावजूद Yamuna में pollution बढ़ना चिंता का विषय है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर treatment plants काम कर रहे हैं, तो फिर river में pollution क्यों बढ़ रहा है।
नदी “ecologically dead” के करीब?
South Asia Network on Dams, Rivers and People (SANDRP) के Bhim Singh Rawat ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह डेटा दिखाता है कि Yamuna अब लगभग “ecologically dead” स्थिति में पहुंच चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर untreated effluents नदी में सीधे गिर रहे हैं, जिससे दिल्ली की water supply पर भी असर पड़ सकता है।
आगे की चुनौती
DPCC रिपोर्ट के अनुसार Yamuna की water quality को मॉनिटर करने के लिए आठ अलग-अलग स्थानों से नमूने लिए जाते हैं, लेकिन बढ़ते pollution स्तर यह संकेत देते हैं कि मौजूदा treatment infrastructure पर्याप्त नहीं है।
