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₹28,000 करोड़ के कर्ज पर राहत: शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप को मिली बड़ी राहत, टली बड़ी मुश्किल
लेंडर्स ने दी शर्तों में ढील, टाटा सन्स शेयरों की गिरती वैल्यू के बीच 4 महीने की राहत
भारत के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर समूह Shapoorji Pallonji Group को अपने भारी कर्ज के मामले में बड़ी राहत मिली है। कंपनी की फाइनेंसिंग यूनिट Porteast Investment को कर्ज देने वाले प्रमुख लेंडर्स ने अहम शर्तों में अस्थायी ढील देने की मंजूरी दे दी है।
क्या है पूरा मामला?
करीब 3.4 बिलियन डॉलर (लगभग ₹28,000 करोड़) के इस प्राइवेट क्रेडिट लोन पर अब ‘लोन-टू-वैल्यू’ (LTV) लिमिट को 34% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।
यह राहत फिलहाल 4 महीने यानी 15 जुलाई तक के लिए दी गई है। इसका मतलब है कि कंपनी को फिलहाल अपने गिरते हुए कोलेटरल (गिरवी रखी संपत्ति) के कारण डिफॉल्ट के खतरे से कुछ समय के लिए बचाव मिल गया है।
टाटा सन्स के शेयरों से जुड़ा है दबाव
इस पूरे संकट की जड़ Tata Sons के शेयरों की वैल्यू में गिरावट है।
टाटा सन्स की वैल्यू काफी हद तक Tata Consultancy Services (TCS) के प्रदर्शन पर निर्भर करती है।
2026 में अब तक TCS के शेयरों में 20% से ज्यादा की गिरावट देखी गई है, जिसका सीधा असर टाटा सन्स की वैल्यू पर पड़ा और SP ग्रुप के कोलेटरल की कीमत घट गई।

डिफॉल्ट का बढ़ रहा था खतरा
अगर लेंडर्स यह राहत नहीं देते, तो SP ग्रुप अपने कर्ज की शर्तों का उल्लंघन (covenant breach) कर सकता था।
खास बात यह है कि कंपनी को अपनी यूनिट Goswami Infratech के जरिए 30 अप्रैल तक करीब 2.5 बिलियन डॉलर का कर्ज रीफाइनेंस भी करना है।
कंपनी अब करीब 1 बिलियन डॉलर का बॉन्ड जारी करने की योजना बना रही है, जबकि बाकी रकम लोकल कर्ज के जरिए जुटाई जाएगी।
किन-किन लेंडर्स का पैसा लगा है?
इस लोन में कई बड़े ग्लोबल निवेशक शामिल हैं, जैसे:
- Ares Management
- Cerberus Capital Management
- Davidson Kempner Capital Management
- Farallon Capital Management
- Deutsche Bank
इन सभी ने मिलकर इस कर्ज में निवेश किया हुआ है।
160 साल पुराना समूह, लेकिन चुनौतियां बरकरार
160 साल से ज्यादा पुराने शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप का कारोबार इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, एनर्जी और कंस्ट्रक्शन जैसे कई सेक्टर्स में फैला हुआ है।
यह समूह मिस्त्री परिवार के नियंत्रण में है और देश-विदेश में कई प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स बना चुका है।
क्यों है यह खबर अहम?
- $3.4 बिलियन कर्ज पर डिफॉल्ट का खतरा टला
- टाटा सन्स और TCS की वैल्यू से जुड़ी बड़ी चुनौती
- 4 महीने की राहत से कंपनी को मिला समय
- ग्लोबल निवेशकों का बड़ा एक्सपोजर
