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‘मुनाफा है, फिर भी निवेश नहीं!’ Harsh Goenka ने बताया क्यों Private Capex से पीछे हट रही हैं भारतीय कंपनियां
RPG Group के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने गिनाए 7 बड़े कारण, बोले- अच्छे मुनाफे के बावजूद India Inc निवेश को लेकर सतर्क।
देश की कई बड़ी कंपनियों ने चौथी तिमाही (Q4) में शानदार मुनाफा दर्ज किया है। टाटा मोटर्स CV, ICICI Bank और HAL जैसी दिग्गज कंपनियों के मजबूत नतीजों ने बाजार को उत्साहित किया है। लेकिन इन सबके बीच एक बड़ा सवाल लगातार चर्चा में है—जब कंपनियां अच्छा कमा रही हैं, तो निजी निवेश यानी Private Capex में तेजी क्यों नहीं दिख रही?
इसी मुद्दे पर RPG Group के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया पर अपनी राय रखी, जिसने उद्योग जगत में नई बहस छेड़ दी।
हर्ष गोयनका ने कहा कि उन्होंने कई बड़े कारोबारियों से बातचीत की और यह समझने की कोशिश की कि आखिर कंपनियां नए प्रोजेक्ट्स और फैक्ट्री विस्तार में निवेश करने से क्यों बच रही हैं। बातचीत के बाद उन्होंने सात बड़े कारण गिनाए, जिनकी वजह से भारत में Private Capex अभी भी कमजोर बना हुआ है।
गोयनका के अनुसार, उद्योग जगत में सबसे बड़ी चिंता नीति और टैक्स से जुड़ी अनिश्चितता को लेकर है। कई बिजनेस मालिकों का मानना है कि नियमों में लगातार बदलाव और टैक्स कानूनों में पीछे की तारीख से संशोधन (Retrospective Amendments) निवेश का भरोसा कमजोर करते हैं।
कुछ उद्योगपतियों ने यह भी कहा कि अगर किसी मामले में कोर्ट का फैसला कंपनियों के पक्ष में आता है, तो बाद में कानून बदलकर उस फैसले का असर खत्म कर दिया जाता है। इससे लंबे समय के निवेश की योजना बनाना मुश्किल हो जाता है।
सोशल मीडिया पर भी हर्ष गोयनका की बातों को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा कि कोई भी देश सिर्फ ट्रेडिंग, इन्फ्लुएंसर कल्चर या कागजी वैल्यूएशन से महाशक्ति नहीं बन सकता। असली ताकत मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन और रोजगार पैदा करने वाले उद्योगों से आती है।
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वहीं एक अन्य यूजर ने छोटे कारोबारियों की परेशानी बताते हुए कहा कि अत्यधिक रेगुलेटरी दखल और लगातार बढ़ती अनुपालन प्रक्रिया (Compliance) बिजनेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश तो तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन निजी कंपनियां अभी भी सतर्क रणनीति अपना रही हैं। कंपनियां फिलहाल कर्ज घटाने, कैश रिजर्व मजबूत करने और सीमित जोखिम लेने पर ज्यादा फोकस कर रही हैं।
हालांकि, अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अगर नीति स्थिरता, टैक्स स्पष्टता और मांग में सुधार आता है, तो आने वाले समय में Private Capex में भी तेजी देखने को मिल सकती है।

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