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₹73,000 करोड़ बैंक घोटाले की जांच तेज: अनिल अंबानी ग्रुप पर CBI-ED की बड़ी कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट में खुलासा—7 मामलों की जांच जारी, IBC प्रक्रिया में गड़बड़ी के संकेत

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Anil Ambani Fraud Case: ₹73,000 करोड़ घोटाले में CBI-ED जांच तेज
अनिल अंबानी ग्रुप पर बड़े बैंक घोटाले की जांच में जुटी CBI और ED


देश के बड़े कॉर्पोरेट घरानों में से एक Reliance Anil Ambani Group अब गंभीर जांच के घेरे में है। ₹73,000 करोड़ के कथित बैंक लोन फ्रॉड मामले में Central Bureau of Investigation (CBI) और Enforcement Directorate (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है।


सुप्रीम कोर्ट में बड़ा खुलासा

Supreme Court of India में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, CBI इस मामले में दर्ज 7 अलग-अलग केसों की सक्रिय जांच कर रही है।

कोर्ट ने कहा कि इन मामलों में कुल नुकसान ₹73,006 करोड़ तक पहुंचता है, जो बैंकिंग सिस्टम के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।


ED ने उठाए IBC प्रक्रिया पर सवाल

ED की रिपोर्ट में ‘प्रोजेक्ट हेल्प’ नाम की एक संदिग्ध योजना का जिक्र किया गया है। इसके तहत आरोप है कि दिवालिया प्रक्रिया (IBC) को जानबूझकर कुछ संबंधित नहीं रहने वाले लेंडर्स के जरिए शुरू कराया गया।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि:

  • करीब ₹2,983 करोड़ के दावे
  • मात्र ₹26 करोड़ में सेटल कर दिए गए

जिससे गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है।


अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

CBI ने अदालत को बताया कि इस मामले में कुछ पब्लिक सर्वेंट्स (सरकारी अधिकारियों) की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जांच एजेंसियां मिलकर यह पता लगाएं कि कहीं किसी तरह की मिलीभगत या गलत फायदा तो नहीं दिया गया।


ED की स्पेशल टीम कर रही जांच

ED ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है, जो फिलहाल 8 मामलों की जांच कर रही है।

हालांकि ED ने यह भी बताया कि कुछ जरूरी जानकारियां अभी तक अन्य एजेंसियों से नहीं मिली हैं, जिससे जांच की गति प्रभावित हो रही है।

Anil Ambani Fraud Case: ₹73,000 करोड़ घोटाले में CBI-ED जांच तेज

कोर्ट का सख्त निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी एजेंसियों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे जांच में पूरा सहयोग करें और समय पर जानकारी उपलब्ध कराएं।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए।


क्यों है यह मामला अहम?

  • ₹73,000 करोड़ का बड़ा बैंकिंग फ्रॉड
  • CBI और ED दोनों की संयुक्त जांच
  • IBC प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी
  • अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल

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