Connect with us

Politics

‘Didi बदल गई हैं…’ TMC की दिग्गज सांसद Satabdi Roy का बड़ा दावा, बगावत के पीछे बताई चौंकाने वाली वजह

15 साल तक Mamata Banerjee के साथ रहीं Satabdi Roy ने पार्टी छोड़ने का फैसला क्यों लिया? भ्रष्टाचार, नेतृत्व तक पहुंच और अनसुनी आवाजों पर खुलकर बोलीं सांसद।

Published

on

Satabdi Roy Opens Up On TMC Rebellion, Raises Questions Over Party Leadership
TMC सांसद Satabdi Roy ने पार्टी नेतृत्व, भ्रष्टाचार और कार्यशैली को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों बड़ा सियासी उथल-पुथल देखने को मिल रहा है। सत्तारूढ़ Trinamool Congress (TMC) के कई सांसदों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। इसी बीच पार्टी की वरिष्ठ सांसद और मशहूर अभिनेत्री से नेता बनीं Satabdi Roy ने अपनी बगावत की वजहों पर विस्तार से बात की है।

करीब डेढ़ दशक से Mamata Banerjee के साथ राजनीति कर रहीं Satabdi Roy ने दावा किया कि पार्टी के भीतर हालात पिछले कुछ वर्षों में काफी बदल गए हैं और यही बदलाव उनके फैसले की सबसे बड़ी वजह बना।

‘Didi पहले जैसी नहीं रहीं’

Satabdi Roy ने कहा कि उनका Mamata Banerjee से भावनात्मक रिश्ता रहा है, लेकिन राजनीति में उनके लिए जनता का काम सबसे ऊपर है। उन्होंने संकेत दिया कि हाल के वर्षों में पार्टी के कामकाज और नेतृत्व की शैली में काफी बदलाव आया है।

उनके मुताबिक, पार्टी के कई सांसद और नेता अपनी बात शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने में असफल रहे। यही कारण था कि धीरे-धीरे असंतोष बढ़ता गया और अब वह खुलकर सामने आ रहा है।

‘हमारी बात सुनने वाला कोई नहीं था’

Satabdi Roy का कहना है कि पार्टी के भीतर केवल कुछ चुनिंदा नेताओं को ही निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जाता था। बाकी सांसदों और नेताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता था।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। सांसद होने के बावजूद उन्हें और उनके जैसे कई नेताओं को नेतृत्व तक सीधी पहुंच नहीं मिल पा रही थी।

और भी पढ़ें : क्या राष्ट्रीय राजनीति की ओर बढ़ रहीं Mamata Banerjee? बंगाल हार के बाद बदला सियासी समीकरण

भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी बोलीं

अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए Satabdi Roy ने पार्टी में भ्रष्टाचार को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि संगठन के विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार की शिकायतें देखने को मिलीं, जिससे वह काफी निराश हुईं।

उनका कहना था कि राजनीति में उनकी छवि साफ-सुथरी रही है और उन्होंने हमेशा जनता के हित को प्राथमिकता दी है। ऐसे में पार्टी के भीतर उठ रहे सवालों और आरोपों को नजरअंदाज करना उनके लिए आसान नहीं था।

बढ़ती जा रही है बागी सांसदों की संख्या

Satabdi Roy Opens Up On TMC Rebellion, Raises Questions Over Party Leadership


राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि TMC के कई सांसद अब खुलकर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। बागी खेमे का दावा है कि असंतोष केवल कुछ नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी के भीतर एक बड़ा वर्ग मौजूदा व्यवस्था से नाराज है।

हाल ही में कुछ सांसदों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई संभावनाओं की ओर कदम बढ़ाने के संकेत भी दिए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।

2026 के बाद TMC के लिए नई चुनौती?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर पार्टी के भीतर असंतोष इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले समय में TMC को संगठनात्मक स्तर पर नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन Satabdi Roy जैसे वरिष्ठ चेहरे का खुलकर सामने आना निश्चित रूप से राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह घटनाक्रम चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में TMC के भीतर यह सियासी संकट किस दिशा में आगे बढ़ता है।

Continue Reading
1 Comment

1 Comment

  1. Pingback: TMC नेता Sabyasachi Dutta गिरफ्तार: जबरन वसूली और धमकी के आरोपों से सियासत में हलचल - Dainik Diary - Authentic Hindi News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *