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TMC संकट के बीच Congress में वापसी की चर्चा तेज, 28 साल बाद Mamata Banerjee लेंगी बड़ा फैसला?
बंगाल चुनाव 2026 में हार के बाद TMC में बगावत, पार्टी टूट के बीच Congress से फिर जुड़ने की अटकलें
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आया हुआ है। 2026 विधानसभा चुनाव में हार के बाद Trinamool Congress (TMC) के भीतर गहरा संकट खड़ा हो गया है। पार्टी में लगातार बगावत, इस्तीफे और अंदरूनी खींचतान के बीच अब एक चौंकाने वाली संभावना सामने आ रही है—क्या Mamata Banerjee एक बार फिर Congress में वापसी कर सकती हैं?
28 साल पुराना रिश्ता फिर जुड़ सकता है?
यह वही Congress पार्टी है, जिसे Mamata Banerjee ने 1998 में छोड़ दिया था और अपनी अलग पहचान बनाते हुए TMC की स्थापना की थी। उस समय उन्होंने आरोप लगाया था कि Congress कभी भी बंगाल में Left के खिलाफ मजबूती से नहीं लड़ सकती।
लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। 2026 की हार के बाद TMC में जो हालात बने हैं, उन्होंने Mamata Banerjee को नए राजनीतिक विकल्पों पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।
संघर्ष से सत्ता तक का सफर
Mamata Banerjee का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प रहा है। 1984 में उन्होंने Jadavpur से चुनाव जीतकर राजनीति में एंट्री की और धीरे-धीरे खुद को एक जुझारू नेता के रूप में स्थापित किया।
Singur और Nandigram जैसे आंदोलनों ने उन्हें जनता के बीच एक मजबूत नेता के तौर पर पहचान दिलाई। 2011 में उन्होंने 34 साल पुरानी Left सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया और बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।
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इसके बाद 2016 और 2021 में भी उन्होंने शानदार जीत हासिल की और BJP, Congress और Left—तीनों को अलग-अलग समय पर चुनौती दी।
2026 की हार और बढ़ता संकट
लेकिन 2026 विधानसभा चुनाव में BJP की जीत ने TMC की मजबूत पकड़ को कमजोर कर दिया। 15 साल की सत्ता के बाद यह हार पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हुई।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब पार्टी के 78 में से 59 विधायकों ने बगावत कर दी और खुलकर नेतृत्व पर सवाल उठाए। इस बगावत ने TMC के भविष्य को अनिश्चित बना दिया है।
Abhishek Banerjee पर उठते सवाल
इस पूरे संकट के केंद्र में Abhishek Banerjee भी हैं, जिन्हें Mamata Banerjee का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है। पार्टी के अंदर कई नेता उनके नेतृत्व और कार्यशैली से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं।

हाल ही में Kalyan Banerjee जैसे वरिष्ठ नेताओं के बयान ने भी इस असंतोष को और उजागर कर दिया है।
Congress में वापसी—कितनी संभव?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर TMC का संकट गहराता है, तो Mamata Banerjee के सामने Congress के साथ हाथ मिलाने या उसमें शामिल होने का विकल्प खुला रह सकता है।
हालांकि यह फैसला आसान नहीं होगा, क्योंकि TMC की पूरी पहचान Mamata Banerjee के स्वतंत्र राजनीतिक संघर्ष पर आधारित रही है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल TMC का भविष्य अधर में लटका हुआ है। पार्टी को एकजुट रखना Mamata Banerjee के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह अपनी पार्टी को बचा पाती हैं या फिर 28 साल बाद Congress में वापसी कर बंगाल की राजनीति में एक नया अध्याय लिखती हैं।

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