Economy
Petrol-Diesel Price Update: दिल्ली से मुंबई तक ईंधन के दाम स्थिर… लेकिन ₹100 पार पेट्रोल ने बढ़ाई टेंशन!
West Asia तनाव के बीच कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव, फिर भी 1 जुलाई को भारत में ईंधन कीमतें स्थिर रहीं—जानिए आपके शहर में क्या हैं नए रेट्स
देशभर के वाहन चालकों के लिए 1 जुलाई को राहत और चिंता दोनों साथ लेकर आया है। एक तरफ जहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, वहीं दूसरी तरफ कई बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम पहले ही ₹100 से ऊपर बने हुए हैं।
सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा आखिरी बार 25 मई को कीमतों में संशोधन किया गया था, जब पेट्रोल में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। तब से अब तक दाम स्थिर बने हुए हैं।
दिल्ली और मुंबई में क्या हैं दाम?
देश की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब भी ₹102.12 प्रति लीटर है, जबकि डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर स्थिर है।
वहीं आर्थिक राजधानी मुंबई में हालात और भी महंगे हैं। यहां पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर पर बिक रहा है।
प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम (1 जुलाई)
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| बेंगलुरु | 111.68 | 99.56 |
| हैदराबाद | 115.69 | 103.82 |
| चेन्नई | 107.76 | 99.55 |
विशेष रूप से हैदराबाद में पेट्रोल ₹115.69 तक पहुंच गया है, जो देश के सबसे ऊंचे दामों में से एक है।
कीमतें क्यों नहीं बदल रहीं?
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन भारत में फिलहाल कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। इसका मुख्य कारण वैश्विक हालात हैं, खासकर West Asia में तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों पर असर।
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विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत और डॉलर-रुपया विनिमय दर सीधे तौर पर पेट्रोल-डीजल के दाम तय करने में अहम भूमिका निभाते ह

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत कैसे तय होती है?
ईंधन की कीमत सिर्फ कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करती। इसके पीछे कई कारण होते हैं:
- अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत
- रुपये और डॉलर का एक्सचेंज रेट
- केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स
- ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक लागत
- स्थानीय मांग और सप्लाई
इसी वजह से अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग होते हैं।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल बाजार में स्थिरता दिख रही है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा बदलाव आता है, तो आने वाले हफ्तों में भारत में भी ईंधन के दामों में संशोधन संभव है।
अब सभी की नजर तेल कंपनियों की अगली कीमत समीक्षा पर टिकी हुई है।
