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PM Modi करेंगे NGT की Global Climate Conference का उद्घाटन, समापन में पहुंचेंगी President Murmu… इन बड़े मुद्दों पर होगी दुनिया की नजर

नई दिल्ली के Vigyan Bhawan में 19 और 20 सितंबर को National Green Tribunal (NGT) की दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी। इसमें पर्यावरण, Climate Change, Development और Justice से जुड़ी मौजूदा व भविष्य की चुनौतियों पर मंथन किया जाएगा।

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PM Narendra Modi 19 सितंबर को नई दिल्ली में NGT की दो दिवसीय Global Climate Conference का उद्घाटन करेंगे, जबकि 20 सितंबर के समापन सत्र में President Droupadi Murmu मुख्य अतिथि होंगी।

नई दिल्ली: पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा के लिए देश की राजधानी नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होने जा रहा है। PM Narendra Modi 19 सितंबर को National Green Tribunal (NGT) द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘The Future of Environment and Climate Dynamics’ का उद्घाटन करेंगे।

यह सम्मेलन 19 और 20 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा। वहीं, 20 सितंबर को होने वाले समापन सत्र में President Droupadi Murmu मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी।

उद्घाटन में एक मंच पर दिखेंगे कई बड़े चेहरे

सम्मेलन का उद्घाटन सत्र काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, Attorney General R. Venkataramani और NGT Chairperson Justice Prakash Shrivastava के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।

इस तरह सम्मेलन में सरकार, न्यायपालिका और पर्यावरण से जुड़ी संस्थाओं के शीर्ष प्रतिनिधि एक ही मंच पर दिखाई देंगे।

President Murmu होंगी Valedictory Session की Chief Guest

20 सितंबर को सम्मेलन के समापन सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर Chief Guest शामिल होंगी।

उनके साथ केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों और बिजली मंत्री मनोहर लाल, Supreme Court के Justice P.S. Narasimha, NGT Chairperson Justice Prakash Shrivastava और Solicitor General Tushar Mehta भी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

कई देशों के Judges और Environmental Experts होंगे शामिल

यह सम्मेलन केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें अलग-अलग देशों के Judges, Environmental Experts, Supreme Court और High Courts के न्यायाधीश, District Court Judges, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और विभिन्न पर्यावरण संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

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इसका उद्देश्य पर्यावरण और Climate Change से जुड़ी समस्याओं पर अलग-अलग देशों तथा संस्थाओं के अनुभव और समाधान साझा करना है।

Climate Change पर सिर्फ चर्चा नहीं, Roadmap बनाने की तैयारी

National Green Tribunal के मुताबिक, सम्मेलन दुनिया के सामने मौजूद प्रमुख Environmental और Climate Challenges पर चर्चा के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा।

इस दौरान खास तौर पर Policy-Making और Implementation के बीच मौजूद कमियों की पहचान करने, सफल नीतियों और practices को साझा करने तथा विभिन्न संस्थाओं और stakeholders के बीच सहयोग मजबूत करने पर जोर रहेगा।

यानी चर्चा केवल समस्याओं की पहचान तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह समझने की भी कोशिश की जाएगी कि नीतियों को जमीन पर ज्यादा प्रभावी तरीके से कैसे लागू किया जा सकता है।

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चार Technical Sessions में किन मुद्दों पर होगा मंथन?

दो दिनों के दौरान कुल चार Technical Sessions आयोजित किए जाएंगे, जिनमें महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।

सम्मेलन के जरिए वर्तमान और भविष्य की Environmental और Climate Challenges से निपटने के लिए एक roadmap विकसित करने की कोशिश की जाएगी।

NGT के अनुसार, आयोजन का मकसद Environmental Justice और institutional cooperation को मजबूत करना भी है।

Environment, Development और Justice का सवाल

तेजी से बदलती जलवायु के बीच दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी है कि Development और Environmental Protection के बीच संतुलन किस तरह बनाया जाए।

इसी वजह से सम्मेलन में Environment, Climate Change, Development और Justice के बीच बढ़ते संबंधों और उनसे पैदा होने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा होगी।

नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें सरकार, न्यायपालिका, विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि एक मंच पर आकर भविष्य की पर्यावरणीय चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि दो दिनों के मंथन के बाद कौन-से सुझाव और संभावित roadmap सामने आते हैं।

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