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“मैं क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगा…” गंभीर से नज़दीकी पर उठे सवालों पर क्या बोले हर्षित राणा? बड़ा बयान सामने आया
सबके निशाने पर आए तेज़ गेंदबाज़ ने पहली बार तोड़ी चुप्पी, कहा – “अगर ये बातें सोचने लगूं, तो मैदान पर क्रिकेट खेल ही नहीं पाऊंगा”
टीम इंडिया के युवा तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा इन दिनों चर्चा में हैं—कभी अपनी धारदार गेंदबाज़ी को लेकर, तो कभी भारतीय मुख्य कोच गौतम गंभीर से उनकी नज़दीकी पर उठ रहे सवालों की वजह से। सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का शोर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन हर्षित ने साफ कहा है कि वह ऐसी बातों पर ध्यान ही नहीं देते, क्योंकि ऐसा किया तो क्रिकेट खेलना मुश्किल हो जाएगा।
“अगर मैं ये सारी बातें सुनना शुरू कर दूं… तो दिमाग में ही रह जाऊंगा, मैदान पर नहीं”
रायपुर ODI से पहले मीडिया से बातचीत में हर्षित राणा ने कहा:
“किसी भी बाहरी शोर, सोशल मीडिया या आलोचनाओं पर मैं ध्यान नहीं देता। अगर मैं ये सब दिमाग में रखकर मैदान में उतरूं, तो मैं क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगा।”
उन्होंने माना कि एक युवा खिलाड़ी के लिए यह माहौल चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन उनका ध्यान सिर्फ अपने खेल पर रहता है।

गंभीर–हर्षित समीकरण पर पहली बार खुलकर बोले
जब उनसे गंभीर द्वारा पसंद किए जाने पर उठे सवालों के बारे में पूछा गया, तो राणा ने बेहद शांत स्वर में जवाब दिया:
“मैं जितना हो सके इन चीज़ों से दूर ही रहता हूं। मेरा काम मैदान में बेहतर करना है, बाहर क्या हो रहा है या कौन क्या कह रहा है… मुझे फर्क नहीं पड़ता।”
गंभीर को लेकर सोशल मीडिया में अक्सर पक्षपात के आरोप लगते हैं, लेकिन राणा साफ कहते हैं कि उनके लिए कोच सिर्फ एक मेंटर हैं, और वह उनसे सिर्फ खेल से जुड़ा मार्गदर्शन लेते हैं।
मोर्ने मोर्केल और अर्शदीप के साथ बन रही है नई गेंदबाज़ी सोच
हर्षित ने बताया कि वह भारत के तेज़ गेंदबाज़ी कोच मोर्ने मोर्केल और साथी बॉलर अर्शदीप सिंह से लगातार सीख रहे हैं।
उन्होंने कहा:
“नई गेंद के साथ मोर्केल और अर्शदीप भाई के साथ मिलकर काम कर रहा हूं। मोर्केल का अनुभव अद्भुत है। वे हर सेशन में कुछ नया समझाते हैं, जो मेरे खेल को मजबूत बना रहा है।”

रांची ODI में हर्षित राणा का जलवा – तीन विकेट ने मैच पलट दिया
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रांची में पहले वनडे में, अंतिम ओवरों में भले ही उनका नियंत्रण थोड़ा डगमगाया, लेकिन राणा ने 3/65 के आंकड़े के साथ भारत की जीत की नींव रख दी। शुरुआती दो महत्वपूर्ण झटके उनके ही हिस्से गए, जिससे टीम को दम मिला।
रायपुर में क्या बोले विराट–ओझा बातचीत पर?
हाल ही में रायपुर जाने से पहले एयरपोर्ट पर विराट कोहली और चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा की चर्चा वायरल हुई। इसे लेकर भी राणा से सवाल हुआ, जिस पर उन्होंने फिर वही दोहराया—
“मुझे फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या बात कर रहा है। मेरा ध्यान सिर्फ अपने रोल पर है।”
हर्षित राणा का फोकस – “सीखना, बेहतर होना और टीम को मैच जिताना”
अंत में हर्षित ने कहा कि उनके लिए हर मैच सीखने का मौका है, और वह अभी अपने करियर के शुरुआती दौर में हैं।
“मैं सिर्फ ये सोचता हूं कि मैदान पर मुझे क्या करना है। मेरा लक्ष्य सिर्फ टीम को जीत में मदद करना है।”
