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Groww के शेयरों में बड़ी गिरावट! Pre-IPO लॉक-इन खत्म होने से निवेशकों में बेचैनी
करीब 400 करोड़ शेयर बाजार में आने की संभावना के बीच Groww का स्टॉक 6% तक टूटा, निवेशकों की नजर आगे की चाल पर।
ऑनलाइन स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म Groww के शेयरों में सोमवार को भारी दबाव देखने को मिला। कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 6% तक टूटकर 192.55 रुपये पर पहुंच गया। बाजार में यह गिरावट उस समय आई है जब कंपनी के प्री-IPO लॉक-इन पीरियड खत्म होने वाला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लॉक-इन खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में शेयर बाजार में आ सकते हैं, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ने की आशंका है। यही वजह है कि निवेशक पहले से सतर्क नजर आ रहे हैं।
क्या होता है Pre-IPO Lock-In?
जब कोई कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होती है, तब शुरुआती निवेशकों और प्रमोटर्स के शेयर कुछ समय तक लॉक रहते हैं। यानी वे तुरंत अपने शेयर बेच नहीं सकते। SEBI के नियमों के अनुसार प्रमोटर्स के कम से कम 20% शेयर 18 महीने तक लॉक रहते हैं, जबकि बाकी प्री-IPO निवेशकों के लिए यह अवधि 6 महीने की होती है।
Groww के मामले में अब करीब 400 करोड़ शेयर रिलीज होने वाले हैं, जो प्री-IPO निवेशकों की कुल हिस्सेदारी का लगभग 65% बताया जा रहा है। हालांकि प्रमोटर समूह के करीब 7% शेयर अभी भी लॉक-इन में रहेंगे।
निवेशकों में क्यों बढ़ी चिंता?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब बड़ी मात्रा में शेयर एक साथ ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होते हैं, तो कई शुरुआती निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं। इससे शेयर पर शॉर्ट टर्म दबाव बनना सामान्य बात है।
हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट केवल तकनीकी और मनोवैज्ञानिक असर हो सकता है, क्योंकि कंपनी के फंडामेंटल अभी भी मजबूत दिखाई दे रहे हैं।
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Groww के तिमाही नतीजे रहे मजबूत
दिलचस्प बात यह है कि शेयर में गिरावट के बावजूद कंपनी के हालिया तिमाही नतीजे काफी मजबूत रहे हैं। मार्च तिमाही में Groww का रेवेन्यू 22% बढ़कर 1,536 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले क्वार्टर में 1,261 करोड़ रुपये था।

वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 26% बढ़कर 686 करोड़ रुपये हो गया। बढ़ती यूजर एक्टिविटी और ऑपरेटिंग लेवरेज को इस ग्रोथ की बड़ी वजह माना जा रहा है।
आगे क्या रहेगा फोकस?
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि लॉक-इन खत्म होने के बाद कितनी वास्तविक बिकवाली बाजार में आती है। अगर बड़े निवेशक शेयर होल्ड बनाए रखते हैं, तो स्टॉक में स्थिरता लौट सकती है। वहीं भारी सेलिंग आने पर शेयर में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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