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‘Farooq Abdullah को खाली हाथ नहीं लौटा सकता…’: Resignation Challenge पर NC MP Ruhullah Mehdi का बड़ा संकेत, अब क्या छोड़ेंगे Lok Sabha सीट?
Farooq Abdullah की ओर से Lok Sabha से इस्तीफा देकर दोबारा जनता के बीच जाने की चुनौती मिलने के बाद Srinagar MP Aga Syed Ruhullah Mehdi ने कहा कि वह “Doctor Sahib” को खाली हाथ नहीं लौटा सकते। हालांकि उन्होंने अभी साफ नहीं किया कि वह वास्तव में इस्तीफा देंगे या नहीं।
Jammu and Kashmir की सत्तारूढ़ National Conference के भीतर जारी राजनीतिक खींचतान अब resignation challenge तक पहुंच गई है। Srinagar से Lok Sabha MP Aga Syed Ruhullah Mehdi ने party president Farooq Abdullah की ओर से कथित तौर पर दी गई इस्तीफे की चुनौती पर ऐसा जवाब दिया है, जिसने नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
Tuesday को reporters से बातचीत के दौरान Ruhullah से पूछा गया कि क्या वह Farooq Abdullah की चुनौती स्वीकार करते हुए Lok Sabha से इस्तीफा देंगे।
उन्होंने सीधे तौर पर ‘हां’ या ‘नहीं’ नहीं कहा, लेकिन उनका जवाब संकेत देता है कि वह Abdullah की मांग को गंभीरता से ले रहे हैं।
Ruhullah ने कहा, “यह संभव नहीं है कि Doctor Sahib मुझसे कुछ मांगें और मैं उन्हें न दूं। यह संभव नहीं कि मैं उन्हें खाली हाथ वापस भेज दूं।”
‘इस उम्र में उन्होंने मुझसे कुछ मांगा है…’
Ruhullah ने Farooq Abdullah के प्रति अपना सम्मान जाहिर करते हुए आगे कहा कि इस उम्र में अगर veteran leader उनसे कुछ मांग रहे हैं तो वह उन्हें खाली हाथ नहीं लौटाना चाहते।
उन्होंने कहा, “उन्होंने इस उम्र में मुझसे कुछ मांगा है। मैं उनका सम्मान करता हूं। मैं नहीं चाहता कि वह मुझसे कुछ मांगें और मैं उन्हें खाली हाथ लौटा दूं।”
इस बयान के बाद सवाल उठने लगा है कि क्या Srinagar MP आने वाले दिनों में Lok Sabha membership छोड़ने का फैसला कर सकते हैं।
हालांकि Ruhullah ने अभी resignation की औपचारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए उनके बयान को फिलहाल इस्तीफे का संकेत माना जा सकता है, final decision नहीं।
Farooq Abdullah ने दी थी खुली चुनौती
यह पूरा विवाद Farooq Abdullah के Monday के बयान के बाद तेज हुआ।
Abdullah ने Ruhullah को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर उन्हें लगता है कि 2024 Lok Sabha Election में Srinagar की जनता ने उन्हें उनकी व्यक्तिगत political standing के कारण vote दिया था, न कि National Conference की ताकत के कारण, तो उन्हें इस्तीफा देकर फिर से चुनाव लड़ना चाहिए।
Abdullah ने कहा था, “अगर आपको लगता है कि लोगों ने आपको vote दिया है, तो resign कीजिए और फिर उनके पास जाइए। हम देखेंगे कि आपको कितने votes मिलते हैं।”
इस बयान ने NC के भीतर मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया।
2024 में Srinagar से जीते थे Ruhullah
Ruhullah Mehdi ने 2024 Lok Sabha Election में Srinagar constituency से National Conference के ticket पर जीत दर्ज की थी।
वह लंबे समय से Kashmir की politics में सक्रिय रहे हैं और कई मुद्दों पर अपनी party leadership से अलग या ज्यादा मुखर position लेते दिखाई दिए हैं।
यही वजह है कि Farooq Abdullah का यह सवाल कि Ruhullah की electoral victory व्यक्तिगत लोकप्रियता की वजह से थी या NC के organisational support की वजह से, अब political prestige का मुद्दा बन गया है।
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अगर Ruhullah वास्तव में resign करके fresh mandate लेने का फैसला करते हैं, तो यह National Conference के लिए बड़ा internal political test बन सकता है।
अभी Suspense बरकरार
Ruhullah के बयान की सबसे दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने challenge को खारिज नहीं किया।
वह आसानी से यह कह सकते थे कि resignation का सवाल नहीं उठता, लेकिन इसके बजाय उन्होंने Farooq Abdullah के सम्मान और उन्हें “खाली हाथ नहीं लौटाने” की बात कही।
इसीलिए उनके अगले कदम पर नजर बनी हुई है।
क्या वह Lok Sabha से इस्तीफा देकर फिर Srinagar की जनता के बीच जाएंगे या party leadership के साथ बातचीत के बाद मामला शांत हो जाएगा इसका जवाब आने वाले दिनों में मिल सकता है।
दूसरी तरफ Farooq Abdullah का ‘Delhi से कब तक मांगोगे’ बयान
इस political controversy के बीच Farooq Abdullah ने Jammu and Kashmir की economic dependence को लेकर भी बड़ा बयान दिया है।
Power tariff में बढ़ोतरी पर सवाल किए जाने के दौरान Abdullah ने कहा कि Jammu and Kashmir के लोगों को Centre से लगातार economic concessions मांगने के बजाय self-reliance की तरफ बढ़ना चाहिए।

उन्होंने सवाल किया, “कब तक Delhi से मांगते रहोगे?”
Abdullah ने self-respect और economic dependence को एक साथ जोड़ते हुए कहा कि दोनों चीजें लंबे समय तक साथ नहीं चल सकतीं।
Article 370 का भी किया जिक्र
Former Jammu and Kashmir Chief Minister ने अपनी टिप्पणी में Article 370 का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि एक तरफ Article 370 की restoration की मांग करना और दूसरी तरफ Delhi से लगातार economic assistance मांगना contradictory स्थिति पैदा करता है।
Abdullah ने कहा कि अगर Jammu and Kashmir के लोग self-respect चाहते हैं तो उन्हें पहले “अपने पैरों पर खड़े होने” की कोशिश करनी चाहिए।
उनकी यह टिप्पणी power tariff से जुड़े सवाल के जवाब में आई, लेकिन इससे J&K की economic autonomy और Centre पर financial dependence को लेकर व्यापक political debate शुरू हो सकती है।
National Conference के लिए मुश्किल वक्त?
Ruhullah और Farooq Abdullah के बीच यह public exchange Jammu & Kashmir National Conference के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील है।
एक तरफ party के veteran president ने अपने ही MP को fresh mandate लेने की चुनौती दी है, दूसरी तरफ Ruhullah ने भी उस challenge को सीधे खारिज करने के बजाय ऐसा जवाब दिया है जिसने resignation की संभावना को खुला रखा है।
अगर मामला सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहता है तो party leadership इसे internal disagreement के तौर पर manage कर सकती है। लेकिन अगर Ruhullah वास्तव में Lok Sabha membership छोड़ते हैं, तो मामला सीधे voters की अदालत तक पहुंच जाएगा।
फिलहाल Ruhullah का एक वाक्य पूरे विवाद के केंद्र में है “Doctor Sahib मुझसे कुछ मांगें और मैं उन्हें खाली हाथ भेज दूं, यह संभव नहीं।”
अब Srinagar से लेकर Delhi तक निगाह इसी सवाल पर रहेगी क्या यह सिर्फ Farooq Abdullah के प्रति सम्मान जताने वाला बयान था, या Ruhullah Mehdi सच में इस्तीफा देकर fresh mandate लेने की तैयारी कर रहे हैं?
