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‘God of Cricket’ Sachin Tendulkar के 53वें जन्मदिन पर उनके 100 शतकों की अनसुनी कहानी, जो सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं बल्कि 21 साल की जिद है

17 साल की उम्र में पहला शतक और 38 साल में 100वां, Sachin की यह यात्रा सिर्फ आंकड़ों की नहीं बल्कि हर बार खुद को नए सिरे से गढ़ने की कहानी है

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'God of Cricket' Sachin Tendulkar के 53वें जन्मदिन पर उनके 100 शतकों की अनसुनी कहानी, जो सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं बल्कि 21 साल की जिद है
Sachin Tendulkar के 53वें जन्मदिन पर 100 शतकों की अनसुनी कहानी, जो सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं | Dainik Diary

आज 24 अप्रैल को क्रिकेट के भगवान Sachin Tendulkar अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। और जब भी Sachin का नाम आता है, एक आंकड़ा जो सबसे पहले जेहन में उभरता है वह है 100 अंतर्राष्ट्रीय शतक। लेकिन यह सिर्फ एक गोल-मटोल संख्या नहीं है जिसे गुलदस्ते पहनाए जाएं। यह 21 साल, 7 महीने और 7 दिनों में तराशी गई एक ऐसी कहानी है जिसे करीब से देखने पर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

17 से 38 तक: एक इंसान, कई अवतार

Sachin का पहला अंतर्राष्ट्रीय शतक August 1990 में England के खिलाफ Old Trafford में आया, जब वे सिर्फ 17 साल के थे। 119 not out की वह पारी एक ऐसे लड़के की थी जो दुनिया को अभी अपना परिचय दे रहा था। और उनका 100वां शतक March 16, 2012 को Bangladesh के खिलाफ Mirpur में आया, जब वे 38 साल के थे और पूरा देश करीब एक साल से उस पल का इंतजार कर रहा था। इन दो पारियों के बीच जो है वह सिर्फ समय नहीं है, बल्कि technique का विकास, शरीर की सीमाओं से लड़ाई और हर बार नए सिरे से उठ खड़े होने की जिद है।

51 Test और 49 ODI शतक: Range और Duration की कहानी

Sachin के 100 शतकों में 51 Test में और 49 ODI में आए। यह तालमेल ही उनके रिकॉर्ड को अनूठा बनाता है। कोई और बल्लेबाज इस landmark तक पहुंचा ही नहीं। उम्र के हिसाब से देखें तो 20 साल की उम्र से पहले 5 शतक, 20 से 24 के बीच 25 शतक, 25 से 29 के बीच 35 शतक यानी career का सबसे शानदार दौर, 30 से 34 के बीच 16 शतक और 35 की उम्र के बाद 19 शतक। यह आखिरी आंकड़ा सबसे चौंकाने वाला है। जब ज्यादातर बल्लेबाजों के career ढलान पर होते हैं, Sachin ने 35 के बाद 19 अंतर्राष्ट्रीय शतक जड़े।

ODI में खुलने में लगे 5 साल, लेकिन फिर क्या हुआ

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एक दिलचस्प तथ्य जो अक्सर tributes में छुपा दिया जाता है वह यह है कि Sachin ने ODI cricket 1989 में शुरू की, लेकिन उनका पहला ODI शतक September 1994 में आया। यानी करीब 5 साल का इंतजार। इसकी वजह थी एक tactical बदलाव। 1994 में जब उन्हें ODI में opener बनाया गया, तो उनका white-ball career ही बदल गया। Opener के तौर पर उन्होंने 344 innings में 15,310 रन 48.29 की average से और 45 शतकों के साथ बनाए। जबकि अन्य positions पर 119 matches में 33 की average से 3,116 रन और सिर्फ 4 शतक। एक role change ने उनके पूरे ODI career को नई दिशा दे दी।

Australia के खिलाफ 20 शतक: रिकॉर्ड की असली कसौटी

बड़े records को जांचने का सही तरीका यह है कि opposition कौन थी। Sachin के 100 शतकों में 20 अकेले Australia के खिलाफ हैं, जो उनके पूरे career में सबसे demanding opponents में से एक रहे। Sri Lanka के खिलाफ 17, South Africa के खिलाफ 12, England और New Zealand के खिलाफ 9-9, Pakistan और West Indies के खिलाफ 7-7 शतक। यह एक format, एक opponent या एक comfort zone की देन नहीं है। यह हर मैदान पर, हर हालत में टिके रहने की क्षमता का सबूत है।

शतक सिर्फ सजावट नहीं थे

Sachin के शतकों को कभी-कभी “personal milestones” कहकर dismiss किया जाता है। लेकिन numbers कहानी अलग बताते हैं। जिन Test matches में Sachin ने शतक लगाए, उनमें India ने 20 जीते, 11 हारे और 20 draw रहे। ODIs में उनके शतक वाले 49 मैचों में India ने 33 जीते और 14 हारे। कुल 100 शतक वाले मैचों में से 53 में India जीती। यानी आधे से ज्यादा। यह रिकॉर्ड सिर्फ एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, team की जीत का हथियार था।

जन्मदिन पर असली श्रद्धांजलि

Sachin के 53वें जन्मदिन पर उनके 100 शतकों को सिर्फ एक चमकता हुआ monument मानना उनके साथ न्याय नहीं होगा। यह रिकॉर्ड इसलिए नहीं बना कि वे एक extraordinary talent लेकर पैदा हुए। यह इसलिए बना क्योंकि 21 सालों तक उन्होंने हर बार खुद को नए सिरे से बनाया, हर phase में technique बदली, हर उम्र में hunger बनाए रखी और हर बार उन conditions को तोड़ा जो उन्हें रोक सकती थीं।

200 Tests और 463 ODIs में खेलना दुनिया को यह बताना है कि आप सिर्फ महान नहीं, टिकाऊ भी हैं। और यही वह बात है जो Sachin Tendulkar को सिर्फ एक record-holder नहीं, एक era बनाती है।

जन्मदिन मुबारक, Sachin।