Entertainment
‘मैं Tabu से जलती थी…’ Sonali Kulkarni ने सालों बाद खोला दिल का राज, National Award हारने का दर्द किया बयां
1997 के National Award में Tabu से हारने के बाद Sonali Kulkarni गुस्से और jealousy से भर गई थीं। अब वर्षों बाद उन्होंने उस दौर की सच्चाई और अपनी insecurities पर खुलकर बात की है।
बॉलीवुड और मराठी सिनेमा की शानदार अभिनेत्री Sonali Kulkarni ने हाल ही में अपने career के एक ऐसे chapter का खुलासा किया, जिसे उन्होंने सालों तक अपने दिल में दबाकर रखा।
Sonali ने बताया कि जब 1997 के National Film Awards में उन्हें फिल्म Daayra के लिए nomination मिला था, लेकिन Best Actress का award Tabu को फिल्म Maachis के लिए मिला, तो वह बुरी तरह टूट गई थीं।
इतना ही नहीं, उन्होंने माना कि उस वक्त वह Tabu से बेहद jealous और angry थीं।
‘हर साल उम्मीद, हर साल निराशा’
एक interview के दौरान Sonali ने बताया कि उनके career के शुरुआती दिनों में उनकी कई फिल्में National Awards की final list तक पहुंचती थीं, लेकिन हर बार आखिरी वक्त पर award उनसे दूर रह जाता था।
उन्होंने कहा कि उस समय उनके लिए National Award जीतना सबसे बड़ा सपना था।
Sonali के मुताबिक, जब आपको हर जगह recognition मिले लेकिन वो एक award न मिले जिसकी सबसे ज्यादा चाह हो, तो frustration होना स्वाभाविक है।
‘मुझे लगा Tabu industry background से हैं, इसलिए जीत गईं’
Sonali ने स्वीकार किया कि उस समय उन्होंने खुद से कहा था कि Tabu शायद सिर्फ इसलिए जीत गईं क्योंकि वह legendary actress Shabana Azmi की niece हैं।
उनके मन में यह बात बैठ गई थी कि industry connections ने Tabu को advantage दिया।
लेकिन बाद में जब उन्होंने Maachis देखी, तो उनकी सोच पूरी तरह बदल गई।
और भी पढ़ें : 63 साल की उम्र में इतिहास रच गया यह सुपरस्टार, 2025 में 150 मिलियन डॉलर कमा कर बना दुनिया का सबसे महंगा अभिनेता
Tabu की acting ने बदल दी सोच
Sonali ने कहा कि जब उन्होंने Tabu का performance देखा, तो वह दंग रह गईं।
उन्होंने माना कि Tabu की acting इतनी subtle, controlled और powerful थी कि उनका गुस्सा धीरे-धीरे admiration में बदल गया।
इसके बाद Sonali ने Astitva, Chandni Bar जैसी Tabu की और फिल्में देखीं और हर बार उनके talent की fan होती चली गईं।
उन्होंने कहा कि Tabu की performances ने उन्हें अपनी insecurities से बाहर निकलने में मदद की।
अब नहीं है कोई शिकायत

Sonali Kulkarni ने कहा कि career के शुरुआती phase में कलाकार हर emotion को intensity के साथ दिखाना चाहता है।
लेकिन समय के साथ उन्हें subtle acting का महत्व समझ आया।
उन्होंने माना कि theatre acting और film acting में बहुत बड़ा फर्क होता है, और maturity के साथ उन्होंने खुद को बेहतर तरीके से समझा।
अब उन्हें National Award न मिलने का कोई अफसोस नहीं है।
अब Tabu के साथ काम करने की चाहत
Sonali ने यह भी बताया कि अब उनके aspirations बदल चुके हैं।
जहां कभी वह Tabu से competition महसूस करती थीं, वहीं आज वह उनके साथ काम करने का सपना देख रही हैं।
गौरतलब है कि Sonali ने बाद में 2002 में Marathi short film Chaitra के लिए Special Jury Award जीता था।
यह कहानी सिर्फ एक award हारने की नहीं, बल्कि एक कलाकार के growth, self-realisation और acceptance की कहानी भी है।
