Politics
बंगाल की राजनीति में नया मोड़! TMC के बागी नेता Ritabrata Banerjee का बड़ा दावा, ’58 विधायक हमारे साथ’
सांसदों के रुख पर चुप्पी, लेकिन विधानसभा में दो-तिहाई समर्थन का दावा; Mamata Banerjee को ‘मुख्य सलाहकार’ बनाने की भी उठी मांग।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित नेता Ritabrata Banerjee ने ऐसे दावे किए हैं, जिन्होंने राज्य की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने कहा है कि विधानसभा में उनके समूह को प्रमुख विपक्ष के रूप में मान्यता मिल चुकी है और बड़ी संख्या में विधायक उनके साथ हैं।
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में Ritabrata Banerjee ने साफ कहा कि पिछले सात दिनों से उनकी किसी सांसद से बात नहीं हुई है। इसलिए वे यह नहीं बता सकते कि आने वाले दिनों में सांसद क्या फैसला लेंगे। हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि राजनीति में भविष्य को लेकर कोई भी निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती और आगे बहुत कुछ बदल सकता है।
सांसदों पर सवाल, लेकिन जवाब से बचते दिखे
जब उनसे सांसदों के संभावित रुख के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी किसी सांसद से बातचीत नहीं हुई है। ऐसे में वे इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
हालांकि उनके बयान को राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में बंगाल की राजनीति में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
58 विधायकों के समर्थन का दावा
Ritabrata Banerjee का सबसे बड़ा दावा विधानसभा में समर्थन को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि उनके समूह को 58 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और विधानसभा अध्यक्ष ने उनके दावे को स्वीकार भी कर लिया है।
उनके मुताबिक, यह समूह व्यक्तिगत राजनीति में नहीं बल्कि सामूहिक नेतृत्व में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि सभी संवैधानिक और विधायी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही उन्हें यह मान्यता मिली है।
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Mamata Banerjee को सलाहकार बनाने की मांग
दिलचस्प बात यह रही कि Banerjee ने TMC प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि Mamata Banerjee उनके समूह की “मुख्य सलाहकार” बनें और अपने अनुभव से मार्गदर्शन दें।
उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन Mamata Banerjee का अनुभव और नेतृत्व क्षमता बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
एक-एक कदम बढ़ाने की रणनीति

Ritabrata Banerjee ने संकेत दिया कि उनका समूह जल्दबाजी में कोई बड़ा कदम नहीं उठाना चाहता। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान विधानसभा के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने पर है और वे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि उनके दावों में दम है, तो आने वाले महीनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। हालांकि अभी यह देखना बाकी है कि अन्य विधायक और सांसद इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाते हैं।
बंगाल की राजनीति पर सबकी नजर
पश्चिम बंगाल हमेशा से राष्ट्रीय राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ऐसे में TMC से जुड़े किसी भी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का असर केवल राज्य तक सीमित नहीं रहता।
फिलहाल Ritabrata Banerjee के दावों ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है और बंगाल की राजनीति में कौन से नए समीकरण उभरकर सामने आते हैं।

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