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UK के नए नियमों से Vaibhav Sooryavanshi को झटका, ‘सेपरेट ड्रेसिंग रूम’ नियम पर मचा विवाद

इंग्लैंड दौरे से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के युवा स्टार पर यूके के सेफगार्डिंग कानूनों का असर, ICC की भूमिका पर भी उठे सवाल

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Dainik Diary Zaid 8 12
इंग्लैंड दौरे से पहले वैभव सोर्यवंशी को लेकर नया नियम, क्रिकेट जगत में चर्चा तेज

भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे Vaibhav Sooryavanshi एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका खेल नहीं बल्कि यूके के नए नियम हैं। इंग्लैंड दौरे से पहले एक अजीबो-गरीब लेकिन गंभीर नियम ने टीम मैनेजमेंट और क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनाइटेड किंगडम के सख्त सेफगार्डिंग कानूनों के तहत नाबालिग खिलाड़ियों के लिए “सेपरेट ड्रेसिंग रूम” यानी अलग लॉकर रूम व्यवस्था अनिवार्य हो सकती है। इसका सीधा असर भारतीय टीम के युवा खिलाड़ी वैभव सोर्यवंशी पर पड़ेगा, जो अभी 18 साल से कम उम्र के हैं।

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क्या है यह नया नियम?

यूके में लागू बाल सुरक्षा (Child Safeguarding) नियमों के अनुसार किसी भी अंतरराष्ट्रीय या घरेलू खेल आयोजन में नाबालिग खिलाड़ियों को वयस्क खिलाड़ियों के साथ पूरी तरह साझा ड्रेसिंग रूम में रखने पर कुछ प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों की सुरक्षा और मानसिक दबाव को कम करना बताया गया है।

लेकिन क्रिकेट जैसे खेल में, जहां टीम बॉन्डिंग और ड्रेसिंग रूम एनवायरनमेंट को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, यह नियम काफी असामान्य माना जा रहा है।

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टीम इंडिया के लिए नई चुनौती

भारत के इंग्लैंड दौरे से पहले यह मुद्दा टीम मैनेजमेंट के लिए नई चुनौती बनकर सामने आया है। कोचिंग स्टाफ और मैनेजमेंट अब यह समझने में जुटे हैं कि कैसे खिलाड़ी की सुविधा और नियमों के बीच संतुलन बनाया जाए।

पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं जब विदेशी दौरों पर युवा खिलाड़ियों के लिए अलग सुविधाओं की व्यवस्था करनी पड़ी थी, लेकिन इस बार मामला अधिक सख्त बताया जा रहा है।

ICC की भूमिका पर सवाल

अब सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या International Cricket Council इस मामले में कोई स्पष्ट गाइडलाइन जारी करेगा या नहीं। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अलग-अलग देशों में ऐसे नियम लागू होते रहे, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की एकरूपता प्रभावित हो सकती है।

क्रिकेट जगत में चर्चा तेज

सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए सही कदम बता रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि इससे टीम स्पिरिट और युवा खिलाड़ियों का अनुभव प्रभावित हो सकता है।

फिलहाल सभी की नजरें इंग्लैंड दौरे और टीम इंडिया के आधिकारिक फैसले पर टिकी हैं।