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Arvind Kejriwal ने Delhi High Court में Judge से माँगा खुद को हटाने का आग्रह — आज खुद करेंगे बहस
Excise Policy Case में CBI की अपील के बीच AAP प्रमुख का बड़ा कदम, BJP ने बताया न्यायपालिका का अपमान
New Delhi: दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। Aam Aadmi Party (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने Delhi High Court में Justice Swarn Kanta Sharma के सामने एक recusal application दाखिल की है — यानी उन्होंने Judge से यह अनुरोध किया है कि वे इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लें। इसके साथ ही Kejriwal ने सोमवार को यह मामला खुद अदालत में पेश होकर argue करने का ऐलान किया है।
पूरा मामला क्या है?
यह मामला दिल्ली की विवादित Excise Policy से जुड़ा है। फरवरी 2027 में Special Judge Jitendra Singh ने अपने 601 पन्नों के ऐतिहासिक फैसले में Kejriwal, Manish Sisodia समेत 22 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था। Judge ने साफ कहा था कि Central Bureau of Investigation (CBI) का material prima facie case भी स्थापित नहीं करता। इसके अलावा उन्होंने CBI के उस investigating officer के खिलाफ विभागीय जाँच के आदेश भी दिए, जिसने बिना पर्याप्त सबूतों के आरोप तय किए।
लेकिन CBI ने इस फैसले को Delhi High Court में चुनौती दे दी। उनका तर्क था कि trial court ने evidence को नजरअंदाज किया और फैसला “inherently wrong” है।
9 मार्च को क्या हुआ था?
9 मार्च 2026 को पहली सुनवाई में Justice Sharma ने CBI की अपील पर नोटिस जारी करते हुए trial court के आदेश को “prima facie erroneous” करार दिया — और यह सब आरोपी पक्ष को सुने बगैर कहा गया। इसी बात ने Kejriwal और उनकी टीम को गहरी चिंता में डाल दिया।
Transfer की कोशिश नाकाम, अब Recusal की राह

11 मार्च को Kejriwal और अन्य आरोपियों ने Delhi High Court के Chief Justice DK Upadhyaya को पत्र लिखकर मामले को दूसरी bench में transfer करने की माँग की। उन्होंने कहा कि उन्हें “गंभीर और उचित आशंका” है कि सुनवाई निष्पक्ष नहीं होगी। लेकिन 13 मार्च को High Court के Registrar General Arun Bhardwaj ने यह अनुरोध खारिज कर दिया।
Transfer की कोशिश विफल होने के बाद AAP ने अब Judge से सीधे recusal माँगने का रास्ता अपनाया है। और इस बार Kejriwal खुद अदालत में खड़े होकर अपना पक्ष रखेंगे।
BJP का पलटवार
Bharatiya Janata Party (BJP) ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। Delhi BJP के प्रवक्ता Praveen Shankar Kapoor ने कहा, “Transfer petition हारने के बाद अब Kejriwal Judge से ही मामला छोड़ने की गुहार लगाएंगे — क्या यही है उनका न्यायपालिका के प्रति सम्मान?” BJP का कहना है कि यह कदम Kejriwal की बेचैनी और हार की निशानी है।
आगे क्या?
कोर्ट इस recusal application पर सोमवार को सुनवाई करेगा। अगर Judge खुद को इस मामले से अलग करने से इनकार कर देती हैं, तो Kejriwal को उनके सामने ही बहस करनी होगी। यह मामला न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील है — क्योंकि इसका सीधा असर AAP के भविष्य और Kejriwal की साख पर पड़ सकता है।
