Politics
Delhi Excise Case में नया मोड़: Justice Swarana Kanta Sharma ने खुद को किया अलग, Contempt Proceedings के बाद बड़ा घटनाक्रम
Arvind Kejriwal और अन्य आरोपियों पर “defamatory content” के आरोपों के बीच कोर्ट में बदला पूरा घटनाक्रम, मामला अब नई बेंच को सौंपा गया
दिल्ली की राजनीति और न्याय व्यवस्था से जुड़े बहुचर्चित Excise Policy Case में बुधवार को एक अहम मोड़ देखने को मिला। इस मामले में सुनवाई कर रही Justice Swarana Kanta Sharma ने खुद को केस से अलग कर लिया और इसे किसी अन्य बेंच को ट्रांसफर करने का आदेश दिया।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ कथित तौर पर कोर्ट को लेकर “defamatory” और “vilifying” ऑनलाइन कंटेंट के चलते contempt proceedings शुरू की थीं।
Contempt Proceedings के बाद बढ़ा तनाव
सूत्रों के अनुसार, अदालत ने पाया कि सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कुछ ऐसे कंटेंट साझा किए जा रहे थे, जिन्हें कोर्ट की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया। इसके बाद Justice Swarana Kanta Sharma ने अपने ही बेंच से contempt proceedings शुरू करने का आदेश दिया।
इसी घटनाक्रम के बाद केस के निष्पक्ष सुनवाई के लिए उन्होंने इसे किसी दूसरी बेंच को सौंपने का फैसला लिया।
Recusal पर साफ किया अपना रुख
कोर्ट की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जज ने पहले दिए गए अपने उस आदेश को वापस नहीं लिया, जिसमें उन्होंने recusal (मामले से अलग होने) से इनकार किया था।
लेकिन जैसे ही contempt proceedings शुरू हुईं, उन्होंने माना कि अब इस केस की सुनवाई किसी अन्य न्यायाधीश द्वारा होना ज्यादा उचित होगा, ताकि किसी भी प्रकार का हितों का टकराव या सवाल न उठे।

Kejriwal Camp का Boycott और विवाद
इस पूरे मामले में राजनीतिक हलचल भी तेज रही। Arvind Kejriwal camp की ओर से कुछ प्रक्रियात्मक आपत्तियों और boycott जैसी स्थिति ने मामले को और जटिल बना दिया था।
राजनीतिक और कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह केस अब सिर्फ Excise Policy तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अदालत की गरिमा और अभिव्यक्ति की सीमाओं से भी जुड़ गया है।
मामला अब नई बेंच के पास
अब यह पूरा Excise Policy Case एक नई बेंच को सौंप दिया गया है, जो आगे की सुनवाई करेगी। उम्मीद है कि नए जज के सामने मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया अधिक स्पष्ट दिशा में आगे बढ़ेगी।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिल्ली के Excise Policy Case को सुर्खियों में ला दिया है, जहां कानूनी लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार तेज होती जा रही है।
और पढ़ें- काले गाउन में हाईकोर्ट पहुंचीं Mamata Banerjee, पोस्ट-पोल हिंसा मामले में खुद रखी दलील

Pingback: CM Vijay का पहला बड़ा फैसला, स्कूलों और मंदिरों के पास बंद होंगी 717 शराब की दुकानें - Dainik Diary - Authentic Hindi News