Health
डॉक्टर से मिलने के बाद भी मरीजों के मन में रह जाते हैं सवाल! दिल्ली-NCR के 80% लोग Google का ले रहे सहारा
नई स्टडी में खुलासा, डॉक्टर से परामर्श के बाद बड़ी संख्या में मरीज इलाज, दवाओं और रिपोर्ट्स को समझने के लिए इंटरनेट पर जानकारी खोज रहे हैं।
डिजिटल दौर में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी अब सिर्फ अस्पतालों और क्लीनिकों तक सीमित नहीं रह गई है। दिल्ली-एनसीआर में किए गए एक हालिया अध्ययन में सामने आया है कि डॉक्टर से मुलाकात के बाद भी बड़ी संख्या में मरीज अपनी बीमारी, दवाओं और उपचार से जुड़े सवालों के जवाब पाने के लिए Google और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे हैं।
अध्ययन के मुताबिक, करीब 80 प्रतिशत मरीज डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद इंटरनेट पर अतिरिक्त जानकारी खोजते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि कई मरीजों को लगता है कि उन्हें अपनी बीमारी या इलाज के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पाती या उनके कुछ सवाल अनुत्तरित रह जाते हैं।
क्यों बढ़ रहा है ऑनलाइन स्वास्थ्य जानकारी का चलन?
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर पहले से अधिक जागरूक हो गए हैं। मरीज दवाओं के संभावित दुष्प्रभाव, बीमारी की गंभीरता, वैकल्पिक उपचार और जीवनशैली से जुड़े सुझावों के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं।
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कई बार अस्पतालों और क्लीनिकों में समय की कमी के कारण डॉक्टर और मरीज के बीच बातचीत सीमित रह जाती है। ऐसे में लोग घर पहुंचने के बाद इंटरनेट पर अपनी जिज्ञासाओं के जवाब खोजने लगते हैं।
जानकारी के साथ बढ़ रही है चुनौती भी
हालांकि इंटरनेट पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि हर ऑनलाइन जानकारी भरोसेमंद नहीं होती। गलत या अधूरी जानकारी मरीजों में भ्रम और अनावश्यक चिंता पैदा कर सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मरीजों को केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी लेनी चाहिए और किसी भी चिकित्सकीय निर्णय से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर करनी चाहिए।
डॉक्टर-मरीज संवाद को बेहतर बनाने की जरूरत
अध्ययन में यह भी संकेत मिला है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टर और मरीज के बीच बेहतर संवाद की आवश्यकता है। यदि मरीजों को परामर्श के दौरान अपनी बीमारी और इलाज से जुड़ी पर्याप्त जानकारी मिले, तो उन्हें बाद में इंटरनेट पर उत्तर तलाशने की जरूरत कम पड़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं, ऑनलाइन परामर्श और मरीजों के लिए आसान भाषा में जानकारी उपलब्ध कराने से इस अंतर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य जागरूकता का नया दौर
आज का मरीज केवल इलाज नहीं चाहता, बल्कि अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझना भी चाहता है। यही वजह है कि Google और डिजिटल प्लेटफॉर्म स्वास्थ्य जानकारी के महत्वपूर्ण स्रोत बनते जा रहे हैं। हालांकि सही जानकारी और विशेषज्ञ सलाह के बीच संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
