Business News
करोड़पति शेयर का उलटफेर… 13 महीनों में ₹2 लाख सस्ता! कभी MRF को पछाड़ने वाला शेयर अब क्यों फिसला?
एल्सिड इन्वेस्टमेंट का करिश्मा खत्म? एक समय देश के सबसे महंगे शेयरों की लिस्ट में शामिल इस स्टॉक ने निवेशकों की सांसें अटका दीं—13 महीनों में 60% की गिरावट!
अगर आप स्टॉक मार्केट में दिलचस्पी रखते हैं, तो एक ऐसा शेयर जरूर याद होगा जिसने पिछले दो वर्षों में धमाल मचा दिया था। महज़ एक यूनिट 3 लाख तक पहुंच जाने के बाद उसने कई बड़े और चर्चित शेयरों को पीछे छोड़ दिया था। निवेशकों ने इसे ‘करोड़पति बनाने वाला शेयर’ कहना शुरू कर दिया था। लेकिन—बाजार की दुनिया जितनी तेज ऊपर चढ़ाती है, उतनी ही तेजी से नीचे भी खींच लेती है।
हम बात कर रहे हैं एल्सिड इन्वेस्टमेंट (Elcid Investment) की, जिसने 2023 और 2024 में रिकॉर्डतोड़ तेजी दिखाई थी, लेकिन पिछले 13 महीनों में यह शेयर 2 लाख तक सस्ता हो गया। यानी लगभग 60% की भारी गिरावट!
और भी पढ़ें : 4 दिसंबर 2025 को रामपुर में सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव जानें 24 और 22 कैरेट के ताज़ा रेट
कैसे बना यह करोड़पति शेयर?
दरअसल, एल्सिड इन्वेस्टमेंट एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। इसका असली आकर्षण इसकी होल्डिंग वैल्यू में है। कंपनी कई दिग्गज FMCG और कंज्यूमर स्टॉक्स में हिस्सेदारी रखती है। इसी वजह से शेयर का वैल्यूएशन कई बार असंतुलित रूप से ऊपर चढ़ गया था।
मार्च 2024 में इसका शेयर 3.30 लाख पर पहुंचा—जो किसी भी सामान्य निवेशक के लिए चौंकाने वाली कीमत थी। सोशल मीडिया पर इसके स्क्रीनशॉट खूब वायरल हुए और इसे ‘भारत का दूसरा MRF’ कहा जाने लगा।
लेकिन ठीक एक साल के भीतर स्थिति बदल गई।
13 महीनों में ₹2 लाख की गिरावट – इतना नुकसान क्यों?
पिछले 13 महीनों में एल्सिड इन्वेस्टमेंट की कीमत घटकर 1.19 लाख के आसपास आ गई है। गिरावट की तीन बड़ी वजहें मानी जा रही हैं:

ओवरवैल्यूएशन की हवा निकलना
विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर की कीमत उसकी वास्तविक कमाई के मुकाबले बहुत ज्यादा थी। जैसे ही मार्केट ने इसे समझा, तेजी से प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो गई।
लिमिटेड ट्रेडिंग वॉल्यूम
यह शेयर कम तरलता (Low Liquidity) वाला है। जब बेचने वालों की संख्या बढ़ी, तो खरीदार नहीं मिले और भाव फिसलता चला गया।
निवेशकों का भरोसा टूटना
जब तेजी की रफ्तार थमी, कहानी बदल गई। जो लोग इसे ₹3 लाख पर खरीद बैठे थे, वे अब गहरे नुकसान में फंस गए।
कभी MRF को पीछे छोड़ चुका था यह शेयर
देश का सबसे महंगा शेयर कहा जाए तो सबसे पहले नाम आता है MRF Limited का। एक समय MRF का शेयर 1.30 लाख₹1.50 लाख के बीच ट्रेड कर रहा था। उसी दौरान एल्सिड ने इसे पछाड़ते हुए 3 लाख से ऊपर छलांग लगा दी थी।
लेकिन अब स्थिति उलट है—
MRF अभी भी मजबूत कंपनियों की लिस्ट में टिका हुआ है, जबकि एल्सिड का चार्ट लगातार ढलान दिखा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या सबक?
शेयर बाजार में ऐसी कहानियां नई नहीं हैं—
- कभी Yes Bank
- कभी Suzlon
- कभी PC Jeweller
- और अब Elcid Investment
हर तेज़ी की कहानी के पीछे एक जोखिम छिपा होता है। केवल वायरल होकर कोई शेयर मल्टीबैगर नहीं बनता—उसके पीछे मजबूत बिज़नेस और पारदर्शिता जरूरी होती है।
अगर मार्केट में बने रहना है, तो यही थंब रूल है—
“हाइप नहीं, फंडामेंटल्स पर दांव लगाएं।”

Pingback: सुहागरात में 1 बजे दूल्हे की खुली नींद, दुल्हन गायब… खोज शुरू हुई तो पूरा मामला पलट गया! - Dainik Diary - Authentic Hin
Pingback: ‘हवा में उड़ता किला’… राष्ट्रपति पुतिन जिस सुपर–सिक्योर विमान से भारत आ रहे हैं, वह इतना खास क्यो
Pingback: खंगाली जाएगी LinkedIn प्रोफाइल, परिवार की भी होगी जांच… H-1B वीज़ा के नियम क्यों हुए इतने सख्त? - Dainik Diary - Authentic Hi