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ईरान युद्ध के बीच एयरलाइंस को बड़ी राहत! महाराष्ट्र सरकार ने घटाया एविएशन फ्यूल पर टैक्स
ATF की बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व संकट के बीच महाराष्ट्र सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर VAT 18% से घटाकर 7% कर दिया है।
मध्य पूर्व में जारी Iran War का असर अब भारत के एविएशन सेक्टर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ती ईंधन कीमतों, बंद एयरस्पेस और महंगे ऑपरेशन के बीच एयरलाइंस कंपनियां लगातार दबाव में हैं।
इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने एयरलाइंस को बड़ी राहत देते हुए Aviation Turbine Fuel (ATF) पर लगने वाला VAT 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।
यह नई दर 15 मई से 14 नवंबर तक लागू रहेगी। माना जा रहा है कि इससे एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में कमी आएगी और यात्रियों को भी अप्रत्यक्ष राहत मिल सकती है।
Iran War का सीधा असर उड़ानों पर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की वजह से कई महत्वपूर्ण एयरस्पेस बंद हो चुके हैं। इसके चलते एयरलाइंस को लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ रही है।
कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से Jet Fuel की कीमतों में भी भारी उछाल देखा गया है। यही कारण है कि कई एयरलाइंस ने कुछ अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों में कटौती शुरू कर दी है।
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जानकारों का कहना है कि अगर यह संकट लंबा चलता है तो एयर टिकट भी महंगे हो सकते हैं।
महाराष्ट्र सरकार के फैसले से क्यों मिली राहत?
एविएशन इंडस्ट्री में ATF सबसे बड़ा खर्च माना जाता है। एयरलाइंस कंपनियों के कुल ऑपरेशन खर्च का बड़ा हिस्सा ईंधन पर ही जाता है।
ऐसे में VAT में की गई यह कटौती कंपनियों के लिए राहत का काम करेगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मुंबई देश का सबसे व्यस्त एयर ट्रैफिक हब है। यहां टैक्स कम होने से कई एयरलाइंस को सीधा फायदा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने की तारीफ
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Ram Mohan Naidu Kinjarapu ने महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis का धन्यवाद किया।

Iran War Impact: महाराष्ट्र ने एविएशन फ्यूल पर VAT घटाया, एयरलाइंस को बड़ी राहत
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि मध्य पूर्व संकट की वजह से एयरस्पेस बंद होने, अनिश्चित उड़ानों और ATF की कीमतों में बढ़ोतरी जैसी चुनौतियां सामने आ रही हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार पहले ही घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF कीमतों पर नियंत्रण, एयरपोर्ट शुल्क में कमी और इमरजेंसी क्रेडिट जैसी सुविधाएं देने के कदम उठा चुकी है।
यात्रियों पर क्या होगा असर?
हालांकि एयरलाइंस कंपनियों ने अभी किराए में किसी बड़ी कटौती का ऐलान नहीं किया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स कम होने से भविष्य में किराए को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।
अगर ईंधन की कीमतें और ज्यादा बढ़तीं, तो कंपनियों को टिकट महंगे करने पड़ सकते थे। ऐसे में यह फैसला यात्रियों के लिए भी राहत की खबर माना जा रहा है।
भारत के एविएशन सेक्टर के लिए अहम फैसला
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन बाजारों में शामिल है। हर साल करोड़ों यात्री घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का इस्तेमाल करते हैं।
ऐसे समय में जब वैश्विक संकट की वजह से एयरलाइंस मुश्किलों से जूझ रही हैं, महाराष्ट्र सरकार का यह कदम इंडस्ट्री के लिए बड़ा सहारा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दूसरे राज्य भी इसी तरह ATF पर टैक्स घटाते हैं तो पूरे एविएशन सेक्टर को और राहत मिल सकती है।
