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“मैंने ChatGPT से पूछा—अमीर लोग क्या करते हैं?” बोॅट के Aman Gupta का खुलासा जिसने उन्हें खुद के बारे में सब कुछ समझा दिया
बोॅट को मिलियन-डॉलर ब्रांड बनाने के बाद भी अमन गुप्ता क्यों महसूस करते हैं बेचैनी? अगला गेम क्या होगा, खुद बताया
भारत में ईयरफ़ोन, स्मार्टवॉच और ऑडियो एक्सेसरीज़ को नए स्तर पर पहुंचाने वाले boAt के सह-संस्थापक अमन गुप्ता की कहानी हमेशा से ही प्रेरणा का स्रोत रही है। लेकिन हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी सफलता, अपनी बेचैनी और अपनी अगली यात्रा को लेकर बेहद ईमानदारी से बात की—इतनी ईमानदार कि उन्होंने हंसते हुए बताया कि उन्होंने एक बार ChatGPT से सवाल पूछा था, “अमीर लोग दिनभर क्या करते हैं?”
यह सुनकर इंटरव्यू लेने वालों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर लोग भी हैरान रह गए। लेकिन इस सवाल के पीछे की कहानी और भी दिलचस्प है
“अभी भी बेचैन हूं… आगे भी कुछ नया करूंगा”—अमन गुप्ता का सच
Republic World से बातचीत में अमन ने बताया कि boAt के सफल हो जाने और Shark Tank India में लोकप्रिय जज बन जाने के बाद भी वह रुकने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा:
“मैं रेस्टलेस हूं… शायद कुछ और वेंचर्स शुरू करूँगा। अभी बहुत कुछ करना बाकी है।”
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अमन का कहना है कि भारत में जब उन्होंने शुरुआत की, तब उद्यमिता की वैसी संस्कृति नहीं थी जैसी Mark Zuckerberg या Steve Jobs के माध्यम से अमेरिका में दिखती थी।
इस कमी को महसूस करते हुए उन्होंने पेर्शनेलिटी के भरोसे एक नया रास्ता चुना—और वहीं से जन्म हुआ boAt का।
JBL की नौकरी छोड़कर बोॅट बनाने का फैसला
अमन ने बताया कि JBL में रहते हुए उन्हें एहसास हुआ कि भारत में ऐसी कंपनी की जरूरत है जो—
- भारतीय युवाओं की चॉइस समझे
- स्टाइलिश ऑडियो प्रोडक्ट दे
- और किफायती कीमत में प्रीमियम क्वालिटी प्रदान करे
पहले कदम में जोखिम था, आकांक्षाओं का बोझ था, लेकिन उनके साथ थे उनके को-फाउंडर समीर मेहता।
आज boAt की अपनी फैन-आर्मी है—“Boatheads”, जो हर नए प्रोडक्ट पर दीवानगी दिखाते हैं।
ChatGPT से किया सवाल—और मिला एक ऐसा जवाब जिसने सब बदल दिया
इंटरव्यू में अमन ने हंसते हुए कहा—
“मैंने ChatGPT से पूछा—अमीर लोग क्या करते हैं?”
जाहिर है, यह सवाल मज़ाक में था… लेकिन जवाब ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया।
ChatGPT के जवाब में आया—
“Wealthy people create, invest, innovate and mentor.”

अमन ने कहा कि यह पढ़कर उन्हें एक ही बात समझ आई—
“मैं वही तो करता हूं। मैं भी यही करना चाहता हूं—कुछ नया बनाना, निवेश करना, लोगों को आगे बढ़ाना।”
और तभी उन्हें महसूस हुआ कि सफलता सिर्फ पैसे में नहीं, बल्कि नए आइडियाज़ को जन्म देने में है।
“मेरा अगला गेम आएगा… और ज़रूर आएगा”
जब उनसे पूछा गया कि उनका अगला लक्ष्य क्या है, तो उन्होंने मजाक में कहा:
“यह सवाल तो HR वाले पूछते हैं!”
पर तुरंत गंभीर होते हुए बोले—
“अभी बहुत कुछ करना बाकी है। मैं कुछ नए वेंचर्स लाऊंगा… बस सही समय का इंतज़ार है।”
अमन गुप्ता की सोच साफ है—
सफलता मंज़िल नहीं, एक लगातार चलने वाली आदत है।
क्यों लोगों को प्रेरित करती है अमन गुप्ता की कहानी?
- क्योंकि उन्होंने नौकरी छोड़कर जोखिम उठाया
- असफलताओं से डरे नहीं
- “Made for India” ब्रांड बनाने की हिम्मत दिखाई
- और आज भी खुद को “सीखने वाला” मानते हैं
शायद यही वजह है कि लोग उन्हें एक बिज़नेस आइकन नहीं, एक प्रेरणा मानते हैं।
