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Farmers’ March to Delhi रोका गया, Haryana Border से लौटे प्रदर्शनकारी; बातचीत के भरोसे के बाद बदला फैसला
Punjab-Haryana Border पर सुरक्षा इंतजामों के बीच किसानों का दिल्ली कूच रुका, नेताओं ने मांगों को लेकर आगे की रणनीति और बातचीत जारी रखने का दिया भरोसा।
नई दिल्ली/चंडीगढ़: किसानों के एक मार्च को दिल्ली की ओर बढ़ने से पहले ही Punjab-Haryana Border पर रोक दिया गया। सुरक्षा बलों की तैनाती और बैरिकेडिंग के चलते प्रदर्शनकारी आगे नहीं बढ़ सके। इसके बाद किसान नेताओं की अपील और बातचीत के आश्वासन के बाद कई प्रदर्शनकारी वापस लौट गए।
किसान संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है और इसके लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने कृषि से जुड़े मुद्दों, नीतियों और किसानों की समस्याओं पर सरकार से गंभीर बातचीत की मांग दोहराई।
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इस पूरे घटनाक्रम ने वर्ष 2024 के किसान आंदोलनों की यादें फिर ताजा कर दी हैं, जब किसानों के दिल्ली कूच को लेकर पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर लंबे समय तक तनाव की स्थिति बनी रही थी। हालांकि इस बार किसान नेताओं ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया।
Haryana Border पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। बैरिकेड्स और अन्य सुरक्षा उपायों के कारण प्रदर्शनकारियों की आगे की यात्रा रुक गई।

किसान नेताओं ने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील की और कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में सरकार के साथ संवाद की कोशिश जारी रहेगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों से जुड़े मुद्दे देश की राजनीति में हमेशा अहम भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में इस मार्च का रुकना और आगे की बातचीत किसानों तथा सरकार के बीच संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब सभी की नजरें किसान संगठनों की अगली बैठक और सरकार के साथ होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं।
