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India-Pakistan हवाई तनाव जारी: एक महीने और बढ़ा एयरस्पेस बैन, उड़ानों पर बढ़ा बोझ

लंबे रूट, ज्यादा ईंधन और बढ़ती लागत—भारतीय एयरलाइंस को फिर झेलनी होगी अतिरिक्त दबाव

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भारत-पाक एयरस्पेस विवाद के चलते लंबी हुई उड़ानों की दूरी, बढ़ा ऑपरेशनल दबाव

भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई क्षेत्र को लेकर जारी तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ताजा अपडेट के अनुसार पाकिस्तान ने भारतीय विमानों और एयरलाइंस के लिए अपने एयरस्पेस पर लगे प्रतिबंध को एक महीने और बढ़ा दिया है। यह फैसला मंगलवार को जारी किए गए नए नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) के जरिए सामने आया।

इस फैसले के बाद अब India की एयरलाइंस के विमान पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं कर पाएंगे। यह प्रतिबंध अब 24 मई की सुबह तक बढ़ा दिया गया है। वहीं, उम्मीद है कि भारत भी इसी तरह का कदम उठाते हुए पाकिस्तानी विमानों पर अपना प्रतिबंध आगे बढ़ा सकता है।

इस स्थिति का सीधा असर यात्रियों और एयरलाइंस दोनों पर पड़ रहा है। एयरलाइंस को अब लंबे रूट से उड़ान भरनी पड़ रही है, जिससे यात्रा का समय कहीं 15 मिनट तो कहीं कई घंटों तक बढ़ जाता है। इसका सबसे बड़ा असर ईंधन खपत और ऑपरेशनल कॉस्ट पर देखा जा रहा है।

उदाहरण के तौर पर, दिल्ली से यूरोप या मध्य-पूर्व जाने वाली कई फ्लाइट्स को अब वैकल्पिक रूट अपनाना पड़ता है, जिससे न सिर्फ समय बढ़ता है बल्कि क्रू शेड्यूलिंग भी और जटिल हो जाती है।

Pakistan Extends Airspace Ban On Indian Aircraft Till January 23


एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे प्रतिबंध बने रहने से एयरलाइन कंपनियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जाता है। साथ ही, यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के नेटवर्क को भी प्रभावित करती है।

भारत और पाकिस्तान के बीच यह पारस्परिक एयरस्पेस बंदी अब लगभग 13 महीनों के करीब पहुंच चुकी है। हालांकि विदेशी एयरलाइंस दोनों देशों के एयरस्पेस का उपयोग कर सकती हैं, लेकिन दोनों देशों की एक-दूसरे की एयरलाइंस पर पूरी तरह पाबंदी जारी है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर हवाई यात्रा पहले ही ईंधन कीमतों और ऑपरेशनल चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में यह नया विस्तार भारतीय एविएशन सेक्टर के लिए एक और चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

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