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ईरान-अमेरिका टकराव हुआ और खतरनाक! कुवैत और बहरीन की ओर दागी गईं मिसाइलें, अमेरिका ने किया जवाबी हमला
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव, अमेरिकी सेना का दावा- ईरानी मिसाइलें लक्ष्य तक नहीं पहुंचीं; रणनीतिक क़ेश्म द्वीप पर भी की गई कार्रवाई
मध्य पूर्व में जारी तनाव अब एक नए और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ईरान की ओर से कुवैत और बहरीन की दिशा में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। हालांकि अमेरिका का दावा है कि इनमें से कोई भी मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। कुछ रास्ते में ही विफल हो गईं, जबकि अन्य को वायु रक्षा प्रणालियों ने रोक दिया।
कुवैत और बहरीन में हाई अलर्ट
घटनाक्रम के बाद कुवैत और बहरीन दोनों देशों में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया। कुवैत की सेना ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने संदिग्ध मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की।
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वहीं बहरीन में भी अमेरिकी और स्थानीय सुरक्षा बलों ने मिलकर हवाई खतरों को निष्क्रिय करने का दावा किया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, बहरीन की ओर बढ़ रही कई मिसाइलों को समय रहते इंटरसेप्ट कर लिया गया।
अमेरिका का जवाबी कदम
तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी सेना ने Qeshm Island (क़ेश्म द्वीप) के आसपास जवाबी कार्रवाई करने की जानकारी दी। यह द्वीप Strait of Hormuz के बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के पास स्थित है।
अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने आत्मरक्षा के तहत कार्रवाई की और क्षेत्र में मौजूद नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए। इसके अलावा तीन हमलावर ड्रोन भी मार गिराए गए, जो कथित तौर पर समुद्री मार्ग से गुजर रहे जहाजों की ओर बढ़ रहे थे।
क्यों महत्वपूर्ण है क़ेश्म द्वीप?
क़ेश्म द्वीप दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक Strait of Hormuz के पास स्थित है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और बढ़ती हैं, तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, शिपिंग उद्योग और वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
दावों और जवाबी दावों का दौर
ईरान की सैन्य इकाइयों ने दावा किया कि उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि अमेरिकी Central Command ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनके प्रमुख सैन्य ठिकानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
दोनों पक्षों की ओर से लगातार बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां इस बात का संकेत दे रही हैं कि स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य होने से काफी दूर है।
दुनिया की नजर मध्य पूर्व पर
संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने क्षेत्र में संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और दुनिया की नजरें ईरान तथा अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
