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क्या कांग्रेस की ओर लौटेंगे Mamata Banerjee और Sharad Pawar? ‘अखंड कांग्रेस’ की चर्चा से गरमाई सियासत

Nana Patole के दावे ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल, TMC और NCP-SP के कांग्रेस में विलय की अटकलों ने विपक्षी राजनीति को नई दिशा देने की बहस छेड़ी।

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Mamata Banerjee, Sharad Pawar और कांग्रेस नेताओं के बीच बढ़ती राजनीतिक नजदीकियों ने ‘अखंड कांग्रेस’ की चर्चा को तेज कर दिया है।

नई दिल्ली: देश की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस को केंद्र में लाने की चर्चा तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (NCP-SP) के कांग्रेस में संभावित विलय को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर जारी है। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने फिलहाल ऐसी खबरों को अफवाह बताया है, लेकिन महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Nana Patole के हालिया बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी है।

Patole ने दावा किया है कि समान विचारधारा वाले कई दल कांग्रेस के साथ एकजुट होने पर विचार कर रहे हैं। उनके अनुसार Sharad Pawar और Mamata Banerjee भी कांग्रेस में विलय को लेकर सकारात्मक सोच रख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल चुनावी गठबंधन नहीं बल्कि एक बड़े राजनीतिक पुनर्गठन की दिशा में कदम हो सकता है।

विपक्षी एकता की नई बहस

लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों के बीच एकजुटता को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अलग-अलग क्षेत्रीय दलों में बंटे विपक्षी वोटों को एक मंच पर लाने की कोशिशें भविष्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

Patole का कहना है कि धर्मनिरपेक्ष और बहुलतावादी विचारधारा वाले दलों को एक मंच पर आना चाहिए ताकि राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत विकल्प तैयार किया जा सके। उनके इस बयान को विपक्षी राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना के रूप में देखा जा रहा है।

Sanjay Raut और Ashok Gehlot ने भी उठाई थी मांग

इससे पहले Shiv Sena (UBT) के नेता Sanjay Raut भी उन क्षेत्रीय दलों के कांग्रेस में लौटने की वकालत कर चुके हैं, जो कभी कांग्रेस से अलग होकर बने थे। उनका मानना है कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्ष को मजबूत करने के लिए ऐसा कदम उपयोगी साबित हो सकता है।

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने भी कहा था कि कांग्रेस से अलग होकर बने दलों को वापस आना चाहिए और विपक्षी राजनीति में एक स्पष्ट नेतृत्व स्थापित होना चाहिए। उन्होंने Rahul Gandhi को विपक्षी खेमे का प्रमुख चेहरा बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया था।

Supriya Sule का संकेतों भरा जवाब

जब इस मुद्दे पर NCP-SP सांसद Supriya Sule से सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर किसी संभावना से इनकार नहीं किया। उनका जवाब था कि समय आने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इस बयान को भी राजनीतिक हलकों में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

और भी पढ़ें : TMC में बगावत पर Kalyan Banerjee का पलटवार, बोले- ‘जो जाना चाहते हैं जाएं, BJP भी नहीं अपनाएगी’

कांग्रेस और TMC की बैठकों ने बढ़ाई चर्चा

हाल के दिनों में Mamata Banerjee की Sonia Gandhi से मुलाकात और उसके बाद Abhishek Banerjee तथा Rahul Gandhi के बीच हुई बैठक ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया। विपक्षी खेमे में बेहतर तालमेल और भविष्य की रणनीति पर बातचीत की खबरें सामने आने के बाद राजनीतिक विश्लेषक संभावित नए समीकरणों पर नजर बनाए हुए हैं।

हालांकि कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी तरह के विलय का प्रस्ताव आता है तो पहल संबंधित दलों की ओर से होनी चाहिए। पार्टी की ओर से फिलहाल किसी औपचारिक प्रक्रिया की पुष्टि नहीं की गई है।

क्या बन सकता है नया राजनीतिक समीकरण?

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Mamata Banerjee ने 1998 में कांग्रेस से अलग होकर Trinamool Congress की स्थापना की थी, जबकि Sharad Pawar ने 1999 में Nationalist Congress Party बनाई थी। दोनों नेता लंबे समय तक कांग्रेस से अलग राजनीतिक पहचान बनाए रखने में सफल रहे हैं।

अब यदि भविष्य में इन दलों और कांग्रेस के बीच किसी बड़े राजनीतिक समझौते या विलय की दिशा में कदम बढ़ता है, तो इसका असर केवल विपक्षी राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के समीकरण भी बदल सकते हैं। फिलहाल यह चर्चा अटकलों और बयानों के स्तर पर है, लेकिन आने वाले महीनों में इसकी दिशा पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी।

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