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ना पेट्रोल, ना EV… अब Hydrogen से दौड़ेगी Maruti Swift! जानिए कितनी बदल जाएगी कारों की दुनिया
मारुति सुजुकी ने पेश की नई Hydrogen DI टेक्नोलॉजी वाली Swift। दावा है कि यह तकनीक ज्यादा पावर देने के साथ प्रदूषण भी कम करेगी।
भारतीय ऑटो बाजार में लंबे समय से मारुति सुजुकी स्विफ्ट का दबदबा बना हुआ है। कभी इसकी स्पोर्टी डिजाइन लोगों को पसंद आई, तो कभी इसकी माइलेज ने ग्राहकों का दिल जीता। अब कंपनी ने Swift को लेकर ऐसा प्रयोग किया है, जो आने वाले समय में कार इंडस्ट्री की दिशा बदल सकता है।
मारुति सुजुकी ने Swift का नया प्रोटोटाइप पेश किया है, जो पेट्रोल, डीजल या इलेक्ट्रिक बैटरी पर नहीं बल्कि हाइड्रोजन तकनीक पर चलता है। खास बात यह है कि इसमें इस्तेमाल की गई नई Hydrogen DI तकनीक पारंपरिक फ्यूल सेल सिस्टम से अलग है।
अब तक ज्यादातर हाइड्रोजन कारों में फ्यूल सेल तकनीक इस्तेमाल होती थी, जहां हाइड्रोजन से बिजली बनाकर मोटर चलाई जाती है। लेकिन इस नई तकनीक में हाइड्रोजन सीधे इंजन में ईंधन की तरह इस्तेमाल होगा। यानी कार का अनुभव काफी हद तक पारंपरिक इंजन जैसा ही रहेगा, लेकिन प्रदूषण बेहद कम होगा।
इस तकनीक को Suzuki Motor Corporation ने मोबिलिटी टेक कंपनी AVL के साथ मिलकर विकसित किया है। हाल ही में इसे 2026 Vienna Motor Symposium में पेश किया गया। कंपनी ने इसके प्रदर्शन के लिए Swift के प्रोटोटाइप मॉडल का इस्तेमाल किया।
नई Hydrogen DI तकनीक वाले इस इंजन में 1.4 लीटर का 4-सिलेंडर सेटअप दिया गया है। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम पुराने हाइड्रोजन इंजनों के मुकाबले ज्यादा पावर और बेहतर टॉर्क देता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें करीब 100 kW की पावर और 220 Nm तक का टॉर्क मिलेगा।
दिलचस्प बात यह है कि यह इंजन अलग-अलग मोड में काम कर सकता है, जिससे इसकी एफिशिएंसी और ड्राइविंग परफॉर्मेंस दोनों बेहतर होती हैं। यानी भविष्य में अगर यह तकनीक आम कारों तक पहुंचती है, तो लोग बिना ज्यादा समझौते के ग्रीन फ्यूल अपना सकते हैं।

भारत में फिलहाल इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है, लेकिन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी को भी भविष्य का बड़ा विकल्प माना जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी कई बार ग्रीन हाइड्रोजन और कम प्रदूषण वाले ईंधन को बढ़ावा देने की बात कर चुके हैं।
ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर हाइड्रोजन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो गया, तो आने वाले वर्षों में यह तकनीक इलेक्ट्रिक वाहनों को भी कड़ी टक्कर दे सकती है। हालांकि फिलहाल यह टेक्नोलॉजी शुरुआती दौर में है और आम ग्राहकों तक पहुंचने में समय लग सकता है।
लेकिन इतना तय है कि मारुति सुजुकी ने Swift के जरिए भविष्य की कारों की एक नई झलक जरूर दिखा दी है।
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