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Maruti Wagon R ने रचा इतिहास! भारत की पहली Flex Fuel Car लॉन्च, पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता होगी कम

Nitin Gadkari और Hardeep Singh Puri की मौजूदगी में पेश हुई Maruti Suzuki की पहली Flex Fuel Car, जानिए आम Wagon R से कितनी अलग है यह तकनीक

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New Delhi: भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक नया अध्याय जुड़ गया है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक Wagon R को देश की पहली Flex Fuel Car के रूप में पेश किया है। इस पहल को स्वच्छ ईंधन, कम प्रदूषण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

इस विशेष मॉडल को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri की मौजूदगी में लॉन्च किया गया। लंबे समय से Flex Fuel तकनीक को भारत में बढ़ावा देने की बात हो रही थी और अब Wagon R इसके साथ बाजार में आने वाली पहली कार बन गई है।

क्या होती है Flex Fuel Car?

सामान्य तौर पर भारत में चलने वाली अधिकांश कारें E20 ईंधन तक के लिए तैयार की जा रही हैं, जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। लेकिन Flex Fuel Vehicle इससे कहीं आगे की तकनीक है।

ऐसी कारें E20 ही नहीं बल्कि E85 और यहां तक कि E100 (100 प्रतिशत एथेनॉल) पर भी चल सकती हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि पेट्रोल की खपत कम होती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले उत्सर्जन में भी कमी आती है।

Wagon R में क्या बदलाव किए गए?

Flex Fuel तकनीक को अपनाने के लिए कार के इंजन और फ्यूल सिस्टम में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

क्योंकि एथेनॉल सामान्य पेट्रोल की तुलना में अधिक संक्षारक (Corrosive) होता है, इसलिए फ्यूल लाइन, फ्यूल इंजेक्टर और कई अन्य हिस्सों को विशेष सामग्री से तैयार किया गया है। इसके अलावा इंजन कंट्रोल यूनिट (ECU) को भी दोबारा ट्यून किया गया है ताकि अलग-अलग एथेनॉल मिश्रणों के साथ इंजन बेहतर प्रदर्शन कर सके।

इन तकनीकी बदलावों की वजह से कार विभिन्न प्रकार के ईंधनों पर आसानी से चल सकेगी।

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ग्राहकों को क्या मिलेगा फायदा?

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यदि E100 ईंधन की उपलब्धता बढ़ती है तो इसकी कीमत पारंपरिक पेट्रोल के मुकाबले कम हो सकती है। ऐसे में वाहन मालिकों के ईंधन खर्च में भी राहत मिल सकती है।

साथ ही, भारत हर साल कच्चे तेल के आयात पर भारी राशि खर्च करता है। एथेनॉल आधारित ईंधन के इस्तेमाल से आयातित तेल पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

Wagon R को ही क्यों चुना गया?

Maruti Suzuki ने Flex Fuel तकनीक की शुरुआत के लिए Wagon R को चुना है क्योंकि यह देश की सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद कारों में से एक है।

वर्षों से भारतीय परिवारों की पसंद रही Wagon R अपनी किफायती कीमत, बेहतर माइलेज और उपयोगिता के लिए जानी जाती है। ऐसे में नई तकनीक को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाने के लिए यह मॉडल सबसे उपयुक्त माना गया।

आने वाले वर्षों में बढ़ सकता है Flex Fuel का दायरा

ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि अगले कुछ वर्षों में कई कंपनियां Flex Fuel Vehicles बाजार में उतार सकती हैं। यदि ईंधन वितरण नेटवर्क और एथेनॉल उत्पादन में तेजी आती है, तो यह तकनीक भारतीय सड़कों पर आम होती नजर आ सकती है।

Maruti Suzuki की यह पहल न केवल ऑटोमोबाइल सेक्टर में तकनीकी बदलाव का संकेत है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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