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Politics

Sikar से उठी NEET Paper Leak की चिंगारी… कभी Congress पर बरसे PM Modi, अब उसी मुद्दे पर Education Minister Dharmendra Pradhan को देना पड़ा इस्तीफा

2023 में Rajasthan की Paper Leak राजनीति पर BJP ने बनाया था बड़ा चुनावी मुद्दा, लेकिन 2026 के NEET Paper Leak विवाद ने केंद्र सरकार को कठघरे में ला खड़ा किया। लगातार छात्र आंदोलनों के बाद Education Minister Dharmendra Pradhan का इस्तीफा इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ बन गया।

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NEET Paper Leak विवाद के बाद बढ़ते छात्र आंदोलनों के बीच Education Minister Dharmendra Pradhan के इस्तीफे ने देश की परीक्षा व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही पर नई बहस छेड़ दी।

देशभर में चर्चा का विषय बने NEET 2026 Paper Leak मामले ने भारतीय राजनीति में बड़ा मोड़ ला दिया है। जिस मुद्दे को Bharatiya Janata Party (BJP) ने वर्षों तक विपक्षी सरकारों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बनाया, वही अब केंद्र सरकार के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गया।

2023 के Rajasthan Assembly Election से पहले Prime Minister Narendra Modi ने Kota और Sikar की चुनावी सभाओं में तत्कालीन Congress सरकार पर Paper Leak को लेकर तीखे हमले किए थे। उन्होंने कहा था कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को जेल भेजा जाएगा और यह “Modi की Guarantee” है।

लेकिन लगभग तीन साल बाद हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। NEET 2026 का Question Paper Leak सबसे पहले Sikar में सामने आया। इसके बाद पुलिस जांच, Central Bureau of Investigation (CBI) की एंट्री, परीक्षा रद्द होना, दोबारा परीक्षा आयोजित कराना, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और देशभर में बढ़ते जनदबाव के बीच आखिरकार Education Minister Dharmendra Pradhan को इस्तीफा देना पड़ा।

यह घटनाक्रम इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि जिस Sikar में कभी PM Modi ने Paper Leak को लेकर Congress सरकार को घेरा था, उसी शहर से देश के सबसे बड़े मेडिकल प्रवेश परीक्षा घोटाले का खुलासा हुआ।


2023 में Paper Leak बना था BJP का सबसे बड़ा चुनावी हथियार

Rajasthan में REET 2021 Paper Leak के बाद BJP ने तत्कालीन Ashok Gehlot सरकार पर लगातार हमला बोला था। पार्टी का कहना था कि राज्य में “Paper Leak Industry” चल रही है और युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है।

July 2023 में Sikar की जनसभा में PM Modi ने कहा था कि Rajasthan के युवा प्रतिभाशाली हैं, लेकिन राज्य सरकार उनके भविष्य से खेल रही है। इसके बाद November 2023 में Kota की रैली में भी उन्होंने वादा किया कि Paper Leak में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

BJP ने इसी मुद्दे को विधानसभा चुनाव का प्रमुख चुनावी एजेंडा बनाया और बाद में Rajasthan में सरकार बनाने में सफल रही।


NEET 2026 विवाद ने बदल दिया पूरा राजनीतिक समीकरण

2026 में हुए NEET Question Paper Leak की शुरुआत Rajasthan के Sikar से हुई। जांच आगे बढ़ी तो मामला राष्ट्रीय स्तर का बन गया। परीक्षा रद्द करनी पड़ी, लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी और पूरे देश में छात्रों का आक्रोश देखने को मिला।

लगातार विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक दबाव के बीच केंद्र सरकार पर जवाबदेही तय करने की मांग तेज होती गई। आखिरकार Dharmendra Pradhan ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह BJP सरकार के लिए बड़ा झटका है क्योंकि पिछले कई वर्षों से पार्टी Paper Leak के मुद्दे पर विपक्ष को घेरती रही थी।

और भी पढ़ें : Rahul Gandhi के PM Modi Residence Protest पर AAP का हमला, कहा- आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश

Jaipur में सड़कों पर उतरे छात्र और अभिभावक

Jaipur के Patrika Gate पर हजारों छात्र और अभिभावक विरोध प्रदर्शन के लिए जुटे। हाथों में Bhagat Singh की तस्वीरें और तिरंगा लेकर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा।

प्रदर्शन में शामिल कई अभिभावकों ने कहा कि उनके बच्चों को Paper Leak की वजह से दोबारा परीक्षा देनी पड़ी, जिससे मानसिक और आर्थिक दोनों तरह का दबाव बढ़ा।

कुछ युवाओं ने यह चिंता भी जताई कि यदि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा सुरक्षित नहीं रह सकती तो भविष्य में अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।


कानून बने, लेकिन सवाल अब भी बरकरार

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Paper Leak की घटनाओं के बाद Ashok Gehlot सरकार ने 2022 में Rajasthan Public Examination (Measures for Prevention of Unfair Means in Recruitment) Act लागू किया था, जिसे बाद में और सख्त बनाया गया।

इसके बाद केंद्र सरकार ने The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 लागू किया। अब सरकार इस कानून को और कठोर बनाने की तैयारी में है ताकि परीक्षा से जुड़े अपराधों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

हालांकि NEET विवाद ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही जरूरी है।


राजनीतिक संदेश भी उतना ही बड़ा

NEET Paper Leak विवाद केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहा। इसने युवाओं के भरोसे, सरकारी जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिस मुद्दे पर कभी BJP विपक्ष को घेरती थी, वही अब उसकी अपनी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा। Dharmendra Pradhan का इस्तीफा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि देशभर में छात्रों के लगातार विरोध और बढ़ते जनदबाव को अब नजरअंदाज करना आसान नहीं रहा।

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