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क्या ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei Moscow में छुपकर इलाज करा रहे हैं? Russia ने जो कहा वो और भी चौंकाने वाला है
28 फरवरी के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए Mojtaba — Putin ने खुद किया Moscow में इलाज का प्रस्ताव, ईरानी मीडिया कर रहा है सच्चाई छुपाने की कोशिश
Tehran / Moscow। ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei को अपना पद संभाले दस दिन से ज़्यादा हो गए हैं — लेकिन वो अब तक न टेलीविज़न पर दिखे, न कोई लाइव भाषण दिया और न ही उनकी कोई ताज़ा वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई। यह सब किस बात का संकेत है? अब एक नई रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
Kuwait के अखबार Al-Jarida ने एक वरिष्ठ सूत्र के हवाले से खुलासा किया कि Mojtaba Khamenei को चुपके से Moscow भेजा गया है जहां वो चिकित्सा उपचार ले रहे हैं। सूत्र के मुताबिक Mojtaba 28 फरवरी को — यानी अमेरिका-इज़रायल के हमले के पहले ही दिन — घायल हुए थे और तब से उन्हें लगातार चिकित्सा देखरेख की ज़रूरत है।
Putin ने खुद रखा प्रस्ताव
रिपोर्ट के अनुसार Russian President Vladimir Putin ने 12 मार्च को ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के साथ एक फोन कॉल के दौरान Mojtaba को Russia में इलाज का प्रस्ताव दिया। इसके बाद Mojtaba को एक Russian सैन्य विमान से Moscow लाया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई और वो अब Putin के एक आवासीय परिसर के भीतर स्थित एक निजी चिकित्सा सुविधा में ठीक हो रहे हैं।
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यह प्रस्ताव इसलिए भी समझ में आता है क्योंकि Iran और Russia की दोस्ती वैसे ही है जैसे दो दोस्त एक-दूसरे की मुश्किल में काम आते हैं — जब से Ukraine युद्ध शुरू हुआ, Iran ने Russia को ड्रोन सप्लाई किए, और अब Russia ने Iran के सबसे ज़रूरी आदमी को अपनी ज़मीन पर पनाह दी।
इलाज Iran में क्यों नहीं?
विश्लेषकों का कहना है कि Iran में चल रही बमबारी के बीच किसी बेहद महत्वपूर्ण व्यक्ति का इलाज करना खतरनाक था। इज़रायली खुफिया एजेंसी Mossad की ईरान में गहरी पैठ को देखते हुए Mojtaba के ठिकाने का राज़ रखना बहुत ज़रूरी था। यानी ईरान के सबसे ताकतवर इंसान का इलाज उनके ही देश में नहीं हो सकता था — यही इस पूरे मामले की सबसे बड़ी विडंबना है।
चोट कितनी गंभीर है?
सूत्रों के हवाले से कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि Mojtaba की कम से कम एक टांग में गंभीर चोट आई और पेट या लीवर में भी नुकसान हुआ। हालांकि यह अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
Iran के अपने Cyprus स्थित राजदूत Alireza Salarian ने एक इंटरव्यू में माना कि Mojtaba उस हमले में “बड़ी मुश्किल से बचे” जिसमें उनके परिवार के छह सदस्य मारे गए।

ईरानी मीडिया का ‘डिजिटल धोखा’
BBC Verify के डिजिटल जांचकर्ताओं ने पाया कि Mojtaba की जो नई आधिकारिक तस्वीर ईरानी राज्य मीडिया ने खूब प्रचारित की, वो दरअसल एक पुरानी फोटो थी जिसे AI से edit करके ताज़ी दिखाई गई। यानी ईरानी सरकार अपने ही सर्वोच्च नेता की असली हालत छुपाने के लिए Artificial Intelligence का इस्तेमाल कर रही है।
Russia ने क्या कहा?
Kremlin के प्रवक्ता Dmitry Peskov से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा — “हम इस तरह की रिपोर्टों पर कोई टिप्पणी नहीं करते।” न हाँ, न ना — यही Russia का अंदाज़ है।
Trump और Israel का रुख
America ने 13 मार्च को Mojtaba Khamenei और IRGC के वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी देने के बदले $10 मिलियन के इनाम का ऐलान किया। Trump ने खुद सार्वजनिक रूप से संदेह जताया कि Khamenei का बेटा अभी ज़िंदा भी है या नहीं।
इज़रायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 12 मार्च को संकेत दिया था कि इज़रायल के पास Mojtaba के ठिकाने और हालत की जानकारी है, लेकिन वो इसे सार्वजनिक नहीं करना चाहते।
IRGC का ‘ऑटोपायलट’ मोड
खुफिया विश्लेषकों का कहना है कि Mojtaba के रोज़ाना के कमान ढांचे से हटने के बाद Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) अब खुद-बखुद काम कर रही है — युद्ध की मशीन अनिवार्य रूप से ऑटोपायलट पर चल रही है।
यानी ईरान की जंग कोई एक इंसान नहीं चला रहा — और यह शायद सबसे खतरनाक बात है। जब कमांडर की कुर्सी खाली हो या अनिश्चित हो, तो ऐसे फैसले हो सकते हैं जो कोई सोचकर न करे।
